परकोटे में 108 करोड़ की लागत से बनने वाले मिनी एसएमएस गणगौरी अस्पताल की नई बिल्डिंग का काम खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। ठेकेदार की लापरवाही से जहां बिल्डिंग का काम दो साल की देरी चल रहा है, वहीं अब मुख्य गेट को लेकर दो विभाग आमने-सामने हो गए हैं। बता दें गणगौरी अस्पताल की नई बिल्डिंग और उपकरण के लिए सरकार ने 2021 के बजट में 108 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। इनमें 50 करोड़ रुपए सिविल वर्क के और 58 करोड़ के उपकरण के हैं। यह बिल्डिंग दिसंबर 2023 में तैयार हो जानी चाहिए थी, लेकिन ठेकेदार और अधिकारियों की लापरवाही से जनवरी 2026 में भी बन कर तैयार नहीं हो पाई है। मुख्य गेट को लेकर स्मार्ट सिटी और स्पोर्ट्स काउंसिल के अधिकारी में विवाद हो गया है। डीपीआर के मुताबिक मुख्य गेट चौगान स्टेडियम के गेट की तरफ निकालना था, लेकिन जब गेट का काम शुरू होने वाला था, तभी स्पोर्ट्स काउंसिल के अधिकारियों ने गेट निकालने से मना कर दिया। इस पर 6 माह पहले ठेकेदार ने बिल्डिंग का काम ही बंद कर दिया। …और बदलती गई डेडलाइन हर बीमारी का होगा इलाज नीरज के. पवन ने कहा- रास्ता निकाल रहे हैं
“स्मार्ट सिटी के आयुक्त और स्पोर्ट्स कांउसिल के अधिकारियों के बीच मीटिंग हो चुकी है। वैकल्पिक तौर पर रास्ता निकालने पर विचार चल रहा है। जल्द ही इसका समाधान हो जाएगा।”
-नीरज के. पवन, अध्यक्ष, स्पोर्ट्स काउंसिल दूसरी जगह से गेट निकालने की तैयारी
“बिल्डिंग के एंट्री गेट को लेकर विवाद चल रहा था। कुछ दिन पहले ही स्पोर्ट्स कांउसिल के अधिकारियों से मीटिंग हुई है। जहां से गेट निकलने वाला था, उस जगह के लिए तो मना कर दिया। दूसरी जगह से रास्ता निकालने को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है, उसकी अभी तक ड्राइंग तैयार नहीं हुई है।”
-राजेश मीना, अधीक्षण अभियंता, स्मार्ट सिटी


