रिक्त पदों को प्रतिनियुक्ति व संविदा से भरने का विरोध:अधिकारियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, स्वायत्त शासन विभाग की विज्ञप्ति निरस्त करने की मांग

राजस्थान नगर पालिका प्रशासनिक सेवा परिषद, राजस्थान नगर पालिका तकनीकी सेवा परिषद, राजस्थान नगर पालिका कर्मचारी फैडरेशन ने नगरीय निकाय में विभिन्न सेवा संवर्ग के अधिकारियों, कर्मचारियों के रिक्त पदों को प्रतिनियुक्ति या संविदा से भरने के निर्णय का विरोध किया है। इस संबंध में अधिकारियों व कर्मचारियों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर कानाराम को ज्ञापन सौंपा। नगर परिषद आयुक्त सुरेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि स्वायत्त शासन विभाग की ओर से नगरीय निकाय में विभिन्न सेवा संवर्ग के अधिकारियों, कर्मचारियों के रिक्त पदों को प्रतिनियुक्ति, संविदा से भरने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में स्वायत्त शासन विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति में मुख्य नगर पालिका अधिकारी सहित अन्य कार्मिकों की भी प्रतिनियुक्ति या संविदा के मार्फत से भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग के ही अधिकारियों, कर्मचारियों को नगर पालिका अधिनियम एवं निकायों से संबंधित अन्य नियमों विनियामों की जानकारी होती है। इसलिए इन पदों पर इन्हीं विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों को लगाया जाना उचित होगा। प्रतिनियुक्ति या संविदा से आए हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को न तो प्रशासनिक अनुभव होगा और न ही नगर निकायों से संबंधी नियमों की जानकारी होगी। ऐसी स्थित्ति में गैर अनुभवी, अप्रशिक्षित अधिकारियों, कर्मचारियों को नगर निकायों में बैठाने से अनियमितता एवं भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। इससे राज्य सरकार की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव के साथ-साथ नगरीय निकायों की स्थिति और भी दयनीय हो जाएगी। ज्ञापन में कहा गया कि प्रतिनियुक्ति संबंधी सरकार के पूर्व अनुभव ठीक नहीं रहे हैं। पूर्व में पंचायत समितियों में विकास अधिकारियों के पद प्रतिनियुक्ति पर भरे जाते थे, जिनका अनुभव ठीक नहीं रहा। इसी कारण राज्य सरकार को विकास अधिकारी पद के लिए राजस्थान ग्रामीण विकास सेवा के नाम से एक स्टेट कैडर गठन की आवश्यकता पड़ी। मार्च 2025 में इन पदों की भर्ती की परीक्षा आरपीएससी की ओर से प्रस्तावित है। तब तक पास की निकायों के अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार या तहसीलदार या एसडीएम को कार्यभार देकर के काम चलाया जा सकता है। आयुक्त, अधिशासी अधिकारी द्वितीय, तृतीय व एक्सईएन, एईएन, एटीपी, यूडीसी, ओए और इसके अन्तर्गत आरआई, आरओ, कर निर्धारक के पदों को भी पदोन्नति के जरिए भी भरा जा सकता है, जोकि काफी समय से लम्बित हैं। अधिकारियों ने स्वायत्त शासन विभाग की ओर से जारी की गई विज्ञप्ति को निरस्त करवाने के लिए स्वायत्त शासन विभाग के उच्च अधिकारियों को निर्देशित करवाने की मांग की। इस मौके पर रजनीश चौधरी, बसंत कुमार, अनुराग सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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