छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बीज प्रक्रिया केंद्र में अमानक (रिजेक्ट) घोषित धान की खरीदी कर किसान के खाते में 11 लाख 40 हजार 200 रुपए का भुगतान कर दिया गया। मामला विवादों में आने के बाद संबंधित किसान से यह राशि वापस ले ली गई। अब इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने बीज प्रक्रिया केंद्र झलमला की जिला प्रबंधक माधुरी बाला को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। मामला देवरी तहसील के ग्राम खपराभाट का है। दरअसल, किसान सोहन लाल कश्यप का 10.71 हेक्टेयर रकबा बीज प्रक्रिया केंद्र झलमला और धान खरीदी केंद्र देवरी में पंजीकृत है। आरोप है कि एक ही पंजीकृत रकबे के आधार पर किसान ने दोनों स्थानों पर धान बेच दी। प्रति एकड़ 33.76 क्विंटल धान की खरीदी जिले में सामान्य तौर पर किसान प्रति एकड़ 20 से 25 क्विंटल धान उत्पादन कर रहे हैं, लेकिन संबंधित किसान से औसतन 33.76 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी दर्ज की गई। कलेक्टर के पत्र में जिक्र किया गया है कि जिले के किसी भी क्षेत्र में इस सीजन में प्रति एकड़ 33.76 क्विंटल उत्पादन दर्ज नहीं हुआ है, इसके बावजूद धान उपार्जन केंद्र और बीज प्रक्रिया केंद्र में 10.71 हेक्टेयर भूमि के आधार पर कुल 903.99 क्विंटल धान की खरीदी दिखाई गई। रिजेक्ट धान का खेल, पहले भुगतान फिर वापसी जांच में सामने आया कि 10 दिसंबर 2025 को किसान ने 1263 बोरी धान बीज निगम में विक्रय के लिए भेजा था। परीक्षण के बाद 909 बोरी धान फेल घोषित कर रिजेक्ट कर दिया गया। नियमानुसार यह धान किसान को वापस लौटाया जाना था, लेकिन आरोप है कि इसे लौटाने के बजाय 29 दिसंबर को देवरी खरीदी केंद्र के दूसरे टोकन के माध्यम से खपा दिया गया। धान रिजेक्ट होने के बावजूद खाते में कर दिया भुगतान 24 दिसंबर को धान रिजेक्ट घोषित हो चुका था, इसके बावजूद जिला प्रबंधक द्वारा किसान के खाते में 11,40,200 रुपए का भुगतान कर दिया गया। इसके बाद शिकायत मिलने पर जांच शुरू हुई। जांच की भनक लगते ही किसान के खाते से भुगतान की गई राशि वापस मंगवा ली गई। कलेक्टर ने पूछा- धान फेल होने पर भुगतान किस आधार पर? कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए स्पष्ट रूप से पूछा कि जब धान परीक्षण में फेल हो चुका था, तो भुगतान किस आधार पर किया गया?बाद में राशि वापस क्यों ली गई? किसकी अनुमति से रिजेक्ट धान को दोबारा खरीदी केंद्र में खपाया गया? जिला प्रबंधक को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने बीज प्रक्रिया केंद्र झलमला की जिला प्रबंधक माधुरी बाला को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि “इस मुद्दे को लेकर मैं विस्तृत जवाब तैयार कर रही हूं। पोर्टल से पूरी रिपोर्ट निकलवा रही हूं, जिसे जवाब के साथ संलग्न करना है।”


