भास्कर न्यूज | हजारीबाग रिप्लेसमेंट बंद हो जाने के बाद हजारीबाग शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का ब्लड बैंक सिर्फ रक्तदान शिविर के सहारे चल रहा है। जिसका परिणाम है कि आज हजारीबाग ब्लड बैंक में मात्र 20 यूनिट रक्त बचे हैं। इनमें भी 16 यूनिट रक्त उनके लिए रिजर्व है जिनका ब्लड सैंपल जांच के लिए नेट टेस्ट में रांची रिम्स भेजा गया है। इस प्रकार स्टोर में मात्र चार यूनिट रक्त ही बचे हैं। जबकि हर रोज न्यूनतम 35 से 40 यूनिट रक्त का खपत है। मालूम हो कि हजारीबाग जिले में 305 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे हैं। इनमें कई बच्चे ऐसे हैं जिनको सप्ताह में दो बार किसी को सप्ताह में एक बार किसी को महीने में दो बार रक्त की जरूरत होती है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को व घटना दुर्घटना में घायलों में रक्त की खपत होती है। क्योंकि इस मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में हजारीबाग के अलावा चतरा, रामगढ़ जिला क्षेत्र के कुछ क्षेत्रों व कोडरमा के भी मरीज पहुंचते हैं। वही एनएच 33 और जीटी रोड इस जिला क्षेत्र से गुजरने के कारण घटना दुर्घटना में पहुंचने वाले लोगों की संख्या भी सर्वाधिक होती है। इस तरह के आपात संभावित स्थिति से निपटने के लिए हजारीबाग ब्लड बैंक में वर्तमान में मात्र 20 यूनिट रक्त बचे हैं। ब्लड बैंक टेक्नीशियन मुरली ने बताया कि अभी बैंक में मात्र 20 यूनिट ट रक्त हैं। उनमें भी लगभग 16 यूनिट रक्त उनके हैं जिनका सैंपल रिम्स जांच के लिए भेजा जा चुका है।


