चम्बल नदी के किनारे बने विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल चम्बल रिवर फ्रंट के संचालन में अब दो फर्मो ने रूचि दिखाई है। केडीए की ओर से इसके टेंडर खोलने के बाद अब दोनों फर्मों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से रिवर फ्रंट का संचालन निजी फर्म के माध्यम से करवाए जाने के लिए टेंडर डॉक्यूमेंट तैयार किया था। जिसे करीब डेढ़ माह पहले ऑनलाइन अपलोड किया गया था। हालांकि इसकी डेट बढ़ाई गई थी। केडीए सचिव मुकेश कुमार चौधरी ने बताया कि टेंडर में दो फर्मो ने भाग लिया है। जिसमें एक फर्म लखनऊ की है और दूसरी फर्म जयपुर की है। हालांकि जयपुर की फर्म वही है जिसने पिछली बार जारी किए गए टेंडर डॉक्यूमेंट में भी आवेदन किया था। हालांकि उस समय एक ही फर्म के आवेदन करने पर केडीए की ओर से उसे निरस्त कर दिया गया था। केडीए द्वारा जारी डॉक्यूमेंट के अनुसार रिवर फ्रंट का संचालन करने वाली फर्म के लिए एक राशि तय की गई है। जिसके अनुसार पहले दो तक तो फर्म को कोई राशि नहीं देगी होगी। लेकिन रिवर फ्रंट पर होने वाले सभी खर्च फर्म को ही वहन करने होंगे। जबकि तीसरे साल में 5 करोड़ या उससे अधिक की राशि का भुगतान केडीए को करना होगा। उसके बाद हर साल राशि में 5 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। केडीए की इन शर्तों व नियमों की पालना करने पर सहमत होने वाली फर्म को 30 साल के लिए रिवर फ्रंट संचालन के लिए ठेके पर दिया जाएगा। जो फर्म केडीए के नियम व शर्तों के अनुरूप होगी उसे ही संचालन का ठेका दिया जाएगा। गौरतलब है कि वर्तमान में रिवर फ्रंट का संचालन केडीए द्वारा किया जा रहा है। जिसमें आय से अधिक खर्चा हो रहा है।


