नवा रायपुर के माना-तूता के 96 एकड़ जमीन पर फिल्म सिटी का निर्माण किया जा रहा है। राज्य बनने से पहले यहां पर 1980 के दशक में लगभग पांच हजार पेड़ लगाए गए थे। इन हरे-भरे पेड़ों को काटा जा रहा है। अब तक 150 से ज्यादा पेड़ काटे जा चुके हैं और 1500 से अधिक पेड़ और काटने की तैयारी की जा रही है। इस हरे-भरे मानव निर्मित वन को उजाड़ने का गांव वाले लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि नवा रायपुर में काफी बड़ी-बड़ी जमीनें खाली पड़ी है लेकिन पेड़ काटकर कोई निर्माण करना सही नही है। पेड़ों को कहीं और बसाएं: शर्मा कांग्रेस भी इसके विरोध में सात दिनों से आंदोलन कर रही है। कांग्रेस नेता पंकज शर्मा का कहना है कि हम फिल्म सिटी के निर्माण का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे हैं। राज्य सरकार चाहे तो किसी अन्य स्थान पर इसका निर्माण करा सकती है। पेड़ स्थानांतरित किए जाएं: सेन
छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन ने कहा, कोशिश हो कि पेड़ काटने की नौबत न आए। पेड़ों को स्थाांतरित किया जाए ताकि वे जीवित रहे।


