बुधवार दोपहर पीटीएस चौराहा के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में 15 वर्षीय अंजलि सोंधिया की मौत हो गई। दोपहर करीब 12:30 बजे वह पल्सर बाइक चला रही थी, तभी जेल के पीछे एक आर्टिका कार ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अंजलि उछलकर सड़क पर जा गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गई। अंजलि सोंधिया मूल रूप से मऊगंज की रहने वाली थी। हाल ही में उसका परिवार शहर आकर बाणसागर कॉलोनी में रहने लगा था। वह नाबालिग थी और परिवार की लाडली बेटी बताई जा रही है। हादसे के तुरंत बाद वहां से गुजर रहे एक अधिवक्ता ने मानवता दिखाते हुए घायल अंजलि को उठाया और बिना देर किए अस्पताल पहुंचाया। यदि तुरंत मदद नहीं मिलती तो हालत और बिगड़ सकती थी। अस्पताल में नहीं हो सकी पहचान अस्पताल पहुंचने पर अंजलि बुरी तरह लहूलुहान थी। उसके पास कोई पहचान पत्र नहीं था, इसलिए शुरुआत में उसकी पहचान नहीं हो सकी। उसे अज्ञात घायल मानकर भर्ती कर लिया गया। रिश्तेदार भी नहीं पहचान सका संयोग ऐसा रहा कि अस्पताल में ही उसका रिश्ते का भाई काउंटर पर पर्ची काटने का काम करता है, लेकिन वह भी उसे पहचान नहीं पाया। उसने अंजलि की पर्ची अज्ञात के रूप में बना दी। यह बात बाद में सामने आई तो हर कोई हैरान रह गया। देर से मिली परिजनों को सूचना करीब दो से तीन घंटे बाद परिजनों को हादसे की खबर मिली। जब वे अस्पताल पहुंचे और पहचान स्पष्ट हुई, तब तक काफी समय निकल चुका था और अंजलि की हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी। इलाज के दौरान तोड़ा दम गंभीर हालत में अंजलि को संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। माता-पिता अस्पताल में ही कर्मचारी बताया गया है कि अंजलि की मां सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में कार्यरत हैं, जबकि उसके पिता उसी संजय गांधी अस्पताल में वार्ड बॉय हैं। जिस अस्पताल में माता-पिता लोगों की जान बचाने में जुटे रहते हैं, वहीं उनकी बेटी जिंदगी की जंग हार गई। पुलिस ने शुरू की जांच सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। आर्टिका कार, टक्कर की स्थिति और अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। नाबालिग के वाहन चलाने पर सवाल इस घटना के बाद नाबालिग द्वारा वाहन चलाने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के पीछे लापरवाही किसकी थी।


