सीहोर के कुबेरेश्वरधाम में 14 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस बार लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाएं दोगुनी कर दी गई हैं। मंदिर परिसर में 1 लाख 80 हजार वर्ग फीट का स्थायी विशाल पंडाल तैयार किया गया है। इसमें एक साथ लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालु कथा श्रवण कर सकेंगे। 21 जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव
रेलवे मंत्रालय ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सीहोर रेलवे स्टेशन पर 21 जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव दिया है, जिससे देशभर से आने वाले भक्तों को आवागमन में आसानी होगी। इन ट्रेनों को मिला ठहराव 10 एकड़ में भोजनशाला, 5 रुपये में पानी
श्रद्धालुओं के लिए 10 एकड़ क्षेत्र में विशाल भोजनशाला तैयार की गई है। पेयजल व्यवस्था के तहत एक लीटर पानी की बोतल मात्र 5 रुपये में उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुबेरेश्वरधाम से रेलवे स्टेशन तक लगभग 20 अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जा रहे हैं। पूरे परिसर में 256 हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे हर गतिविधि पर निगरानी रखी जाएगी। पार्किंग, शौचालय और स्वयंसेवकों की व्यवस्था
आयोजन समिति और स्थानीय प्रशासन ने वाहनों की पार्किंग, पेयजल, शौचालय और स्वयंसेवकों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की है। देश-विदेश से संत, कथावाचक और साधु-महात्माओं के शामिल होने की संभावना है। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि भगवान शिव प्रकृति के आराध्य हैं, इसलिए शिवरात्रि को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जाए। उन्होंने सभी से अपने घर या आसपास कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेने का आग्रह किया।


