शेर-ए-पंजाब किसान जत्थेबंदी ने मंगलवार को रूपनगर स्थित डीसी कार्यालय के बाहर केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने PM मोदी और सीएम मान के पुतले फूंके। प्रदर्शन में विभिन्न जिलों से आए किसानों ने भाग लिया और सरकार की नीतियों के प्रति रोष व्यक्त किया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि विदेशों के साथ किए जा रहे व्यापार समझौते देश के कृषि क्षेत्र के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील का जिक्र किया, जिससे मक्का, दूध और अन्य कृषि उत्पादों के दाम गिरने की आशंका है। किसानों का कहना है कि इससे किसानों, छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उनका कहना था कि विदेशी आयात बढ़ने से स्थानीय उत्पादों को उचित मूल्य मिलना मुश्किल हो जाएगा। सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने बिजली संशोधन विधेयक-2025, कृषि क्षेत्र में निजीकरण और डेयरी और पोल्ट्री व्यवसाय पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के संबंध में पंजाब सरकार स्पष्ट रुख अपनाने से बच रही है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन निर्णयों पर पुनर्विचार नहीं किया तो राज्यभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल किसान संगठनों का नहीं, बल्कि आम जनता और देश के प्रत्येक नागरिक से जुड़ा है।


