अजमेर डिस्कॉम ने रूफटॉप सोलर सिस्टम (RTS) में हाइब्रिड इन्वर्टर लगाने की अनुमति प्रदान कर दी है। इस संबंध में निगम के अतिरिक्त मुख्य अभियंता (मुख्यालय) राजीव वर्मा द्वारा आदेश जारी किए गए हैं।
आदेश के अनुसार -अक्षय ऊर्जा स्रोतों के बढ़ते उपयोग तथा विद्युत ग्रिड की स्थिरता के लिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के महत्व को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। बैटरी स्टोरेज के उपयोग से रूफटॉप सोलर तथा अन्य वितरित अक्षय ऊर्जा स्रोतों का बेहतर एकीकरण संभव होगा, जिससे बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा और उत्पादन में आने वाले उतार-चढ़ाव को संतुलित करने में सहायता मिलेगी। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में छोटे पवन हाइब्रिड, बैटरी स्टोरेज तथा सोलर ट्रैकर जैसी तकनीकों को शामिल किया जा सकता है। हालांकि केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) की गणना केवल सिस्टम में स्थापित सोलर मॉड्यूल की क्षमता के आधार पर ही की जाएगी। साथ ही राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन के ग्रिड इंटरैक्टिव डिस्ट्रिब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी जनरेटिंग सिस्टम्स (थर्ड अमेंडमेंट) रेगुलेशन, 2025 के अनुसार बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को अक्षय ऊर्जा उत्पादन प्रणाली का हिस्सा माना गया है। निगम के आदेश के अनुसार नेट मीटरिंग / ग्रुप नेट मीटरिंग / वर्चुअल नेट मीटरिंग व्यवस्था के अंतर्गत जिन उपभोक्ताओं द्वारा अपने रूफटॉप सोलर संयंत्र के साथ हाइब्रिड इन्वर्टर स्थापित करना चाहा जाएगा, उन्हें इसकी अनुमति दी जाएगी, बशर्ते कि वे निगम द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं तकनीकी आवश्यकताओं का पालन करें। इस निर्णय से उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ अक्षय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। ……… पढें ये खबर भी… अजमेर नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर सहित 4 APO:UDH मंत्री खर्रा ने की घोषणा-कलेक्टर करेंगे जांच; शिव विधायक ने उठाया था मुद्दा अजमेर नगर निगम में नियम के विरूद्ध पट्टे जारी करने का मामला सामने आया है। इस पर बाड़मेर के शिव विधायक रविन्द्रसिंह भाटी ने सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर लगाया। भाटी ने तीन माह में जारी किए गए सभी पट्टों की जांच कर इसमें शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। इस पर जवाब देते हुए यूडीएच मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने फर्जी पट्टा जारी करने के मामले में उपायुक्त विकास, वरिष्ठ प्रारूपकार, कनिष्ठ अभियंता सिविल और कनिष्ठ सहायक को एपीओ को कर दिया। वहीं, पिछले छह माह में जारी किए गए पट्टों की अजमेर कलेक्टर लोकबंधु को दो सप्ताह में जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। पूरी खबर पढें


