रेगिस्तान में क्रूड ऑयल के 20 कुएं बंद:खेत से 60 टैंकर तेल निकला, कंपनी का दावा- 24 की रात ब्लास्ट नहीं, भूकंप आया था

बाड़मेर में खेत से निकल रहा क्रूड ऑयल शुक्रवार को पांचवें दिन बंद हो गया है। हालांकि अभी खेत से तेल के निकलने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। इधर, रिसाव का पता लगाने के लिए केयर्न वेदांता के ऐश्वर्या वेलपेड-8 से जुड़े सभी तेल के कुओं को बंद कर दिया गया है। एरिया को टीनशेड लगाकर ढक दिया गया है। यहां पर आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है। वहीं ग्रामीणों ने 24 फरवरी को ब्लास्ट करने का आरोप लगाया था। इस मामले में कंपनी के अधिकारियों ने दावा किया है कि उस रात 11 बजकर 25 मिनट पर भूकंप आया था।
वेलपेड में 20 से ज्यादा कुएं, एक-एक की जांच होगी केयर्न वेदांता कंपनी के ऐश्वर्या वेलपेड पर 20 से ज्यादा तेल के कुएं हैं (क्रूड ऑयल लीकेज होने के साथ कंपनी ने इस वेलपेड पर शट डाउन ले लिया। इससे कंपनी के उत्पादन पर करीबन 5 हजार बैरल (1 बैरल में 160 लीटर) तेल प्रभावित हुआ है। कंपनी के मीडिया मैनेजर मुकेश मथराणी ने बताया- शटडाउन लेने के बाद रिसाव रूक गया है। इसके रूट का पता लगाने के ​लिए अब एक-एक कर सभी पाइपलाइन सेक्शन की जांच की जाएगी। ताकि पता लगाया जा सके कि कौन से कुएं से लीकेज हुआ था। इधर, ग्रामीणों के ब्लास्ट के दावे को लेकर कंपनी अधिकारियों ने कहा- उस रात 11:25 बजे पर 3.2 की तीव्रता का भूकंप आया था। तीव्रता राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की वेबसाइट पर भी है। इसका एपिसेंटर तेल इलाकों से दूर और भू-सतह से 5 किलोमीटर गहराई पर था। इस इलाके में ड्रिलिंग की गहराई औसतन 2 किलोमीटर ही है। किसान बोला- 50 साल तक खेती नहीं कर पाऊंगा किसान हरजीराम ने बताया- मैं हर साल अपने खेत में बाजरे की फसल लगाता हूं। 23 फरवरी की बात है, मुझे केयर्न वेदांता के सिक्योरिटी गार्ड ने सूचना दी कि तुम्हारे खेत से क्रूड ऑयल निकल रहा है। इसके बाद मैं वहां पहुंचा देखा तो 2 से 3 बीघा में काला तेल (क्रूड ऑयल) खेत में फैला हुआ था। इसके बाद करीब 1 घंटे बाद कंपनी के इंजीनियर और अधिकारी आए। उन्होंने कहा- जेसीबी मशीन लाने दो गड्ढा खोद देते हैं, नहीं तो ये क्रूड ऑयल सड़क तक फैल जाएगा। हरजीराम ने कहा- क्रूड ऑयल का प्रेशर भी ज्यादा है, ऐसे में मैंने जेसीबी को अंदर आने दिया। इसके बाद जेसीबी से गड्ढा खोदा गया। कंपनी से टैंकर बुलाए गए और वैक्यूम से टैंकर भरकर ले जाने लगे। 5 दिन में करीब 60 से ज्यादा टैंकर भरकर दूसरी जगह ले जाया जा चुका है। क्रूड ऑयल निकलने के बाद कंपनी के अधिकारियों ने जेसीबी मशीन से खेत में फैले ऑयल पर रेत डाल दी। इसके बावजूद भी क्रूड ऑयल रेत से बाहर निकल रहा है। वहीं जमीन भी जगह-जगह जमीन धंस रही है। कंपनी ने दो सिक्योरिटी गार्ड लगाकर लोगों की आवाजाही बंद कर दी है। मेरी 6 बीघा जमीन है जिसमें 4 बीघा में क्रूड ऑयल बिखर गया है। पूरा 6 बीघा ही खराब हो गया। खेती के काम की नहीं रहेगी। यह था मामला दरअसल, 23 फरवरी को दोपहर 12 बजे किसान हरजीराम खोथ के खेत में अचानक जमीन से क्रूड ऑयल निकलना शुरू हो गया था। सूचना पर कंपनी के इंजीनियर्स की एक टेक्निकल टीम मौके पर पहुंची थी। जहां क्रूड ऑयल निकल रहा था, वहां मशीनों से करीब 100 मीटर लंबी खाई खोदकर एक रास्ता बनाया गया, जिससे तेल का बहाव उसके जरिए एक गड्डे तक पहुंचाया जा रहा था। इसके बाद गड्डे में भरे तेल को से टैकरों से भरकर दूसरे स्थान पर ले जाया गया। कंपनी ने खेत में फैले क्रूड पर मिट्‌टी डाल दी है। इससे जुड़ी खबरें पढ़ें… बाड़मेर के खेत में 3 दिनों से निकल रहा क्रूड-ऑयल:50 से ज्यादा टैंकर भरे; इंजीनियर तलाश रहे लीकेज पॉइंट; किसान ने मांगा मुआवजा बाड़मेर में जमीन से निकल रहा क्रूड ऑयल:अब तक 55 से ज्यादा टैंकर भर चुके; ब्लास्ट से मकान-स्कूल में आईं दरारें राजस्थान के किसान का खेत रेड जोन में:कहा- कंपनी के कारण 3 मकान बदले, अब क्रूड ऑयल से 50 साल तक फसल होना मुश्किल

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