मुरैना जिले की कैलारस पुलिस का एक कारमाना सामने आया है। रेप का केस पोते पर दर्ज हुआ। आरोप है कि पुलिस 73 वर्षीय दादा को घर से उठाकर ले गई और 5 घंटे थाने पर बिठाए रखा। परिवार ने ग्वालियर हाईकोर्ट की महिला वकील से बात की। वकील ने जब थाने पहुंचकर ऐसी कार्रवाई का कारण और कानूनी आधार पूछा, तो संबंधित एसआई ने कोई स्पष्ट जवाब तो नहीं दिया, उल्टा अभद्रता की। आरोप है कि महिला वकील ने एसआई ने कार्रवाई का पूछा तो उसने कहा- हाईकोर्ट से ही पूछ लेना। बुजुर्ग को मैं लाया हूं, मुझे कारण बताने की जरूरत नहीं है। प्रधान आरक्षक ने समझाइश दी तो एसआई ने तंज कसा- “तेल लगा रहे हो?” हंगामा बढ़ने के बाद बुजुर्ग गोपाल सिंह धाकड़ को आखिरकार रात में छोड़ना पड़ा। पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। सबसे पहले पढ़िए, महिला वकील, एसआई और आरक्षक की बातचीत के अंश… ग्वालियर की महिला वकील अल्पना सिकरवार और कैलारस थाने में पदस्थ एसआई मनोज यादव के बीच हुई बातचीत का वीडियो सामने आया है। वीडियो में महिला वकील बुजुर्ग गोपाल धाकड़ को थाने लाने के कारणों पर सवाल करती नजर आती हैं। यह है पूरा मामला परिवार के अनुसार- कैलारस के तोड़िका गांव निवासी अरुण धाकड़ पिता रामबाबू धाकड़ का कैलारस की एक लड़की से अफेयर चल रहा था। दोनों परिवारों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था, इसलिए रिश्ते गंभीर हो गए। करीब चार साल की दोस्ती को रिश्तें में बदलने की बात हुई। लड़का-लड़की ने शादी करने का फैसला कर लिया। 7 अक्टूबर 2025 को दोनों ने ग्वालियर के आर्य समाज मंदिर में विवाह कर लिया। शादी के बाद कपल सुरक्षा की मांग लेकर मुरैना एसपी ऑफिस पहुंचा और आवेदन दिया। रेप का केस दर्ज करवाया आरोप है कि शादी के कुछ दिनों बाद लड़की के परिवार उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। 28 सिंतबर को लड़की अपने पिता के साथ कैलारस थाने पहुंची और अरुण पर रेप का केस दर्ज करवा दिया। उसने बताया कि अरुण ने एक होटल में रेप किया। उसके एक दोस्त ने इसका वीडियो भी बनाया। कैलारस पुलिस ने अरुण के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। एफआईआर में 28 सितंबर की घटना का हवाला दिया गया, जबकि आर्य समाज मंदिर में दोनों ने 7 अक्टूबर को शादी की। एफआईआर के अनुसार- अरुण ने रेप की घटना को शादी से सात दिन पहले अंजाम दिया। 5 फरवरी को लड़की की शादी की, 7 फरवरी को दादा को उठाया बताया जा रहा है कि रेप का केस दर्ज करवाने के बाद लड़की के परिवारवालों ने उसका रिश्ता राजस्थान में कहीं तय कर दिया। 5 फरवरी को उसकी शादी भी कर दी गई। वहीं, कैलारस पुलिस 7 फरवरी को अरुण के घर पहुंची। अरुण नहीं मिला तो उसके 73 साल के बुजुर्ग दादा को ही उठाकर थाने ले आई। यहां उन्हें काफी देर तक बिठाए रखा। वकील के आने के बाद जैसे-तैसे उन्हें घर जाने दिया। बिना जुर्म मुझे 5 घंटे हवालात में रखा बुजुर्ग गोपाल धाकड़ के अनुसार- घर पर कैलारस थाने का एसआई मनोज यादव शनिवार 7 फरवरी दोपहर 3 बजे आया। बिना वारंट भीतर घुसा और बद्तमीजी करने लगा। हमने वारंट मांगा तो बोला हम खुद ही वारंट हैं। उसने आव देखा ना ताव, मेरी उम्र का भी लिहाज नहीं किया। धमकाते हुए मुझे भीतर से बाहर खींचा और गाड़ी में बिठा लिया। मैंने कहा- मेरी दवा ले लेने दो, मैं बीमार रहता हूं। एसआई ने दवा भी नहीं लेने दी। घर से थाने लेकर जाते समय गाड़ी में उसने 50 हजार रुपए भी मांग की। बोला- अगर दे दोगे तो हमको तुम्हारे पोता अरुण की भी जरूरत नहीं होगी, नहीं तो जब तक अरुण नहीं आएगा, तब तक तुमको नहीं छोड़ेंगे। मेरे परिजनों ने ग्वालियर में वकील को फोन किया। उसके बाद वकील मैडम कैलारस थाने पहुंचीं। काफी बहस के बाद मुझे रात 8 बजे छोड़ा गया। मुझे बिना किसी जुर्म के 5 घंटे तक हवालात में रखा गया। हाईकोर्ट वकील अल्पना सिकरवार ने कहा- अभद्रता हुई ग्वालियर की महिला वकील अल्पना सिकरवार ने कैलारस थाने में पदस्थ एसआई मनोज यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि ग्वालियर में रहकर वकालत करती हूं। 7 फरवरी को क्लाइंट का फोन आया कि गोपाल धाकड़ को पुलिस कैलारस थाने जबरन ले गई है। इस पर मैं कैलारस थाने पहुंची और एसआई मनोज यादव से गोपाल धाकड़ को लाने का कारण पूछा। इस पर एसआई के द्वारा मेरे साथ अभद्रता की गई। कहा कि हाईटकोर्ट से पूछो, मैं नहीं बताऊंगा। अन्य पुलिस स्टाफ आराम से बात कर रहा था, तो उनसे भी बोला इनको तेल क्यों लगा रहे हो। महिला पुलिस को बुलाओ इनको गिरफ्तार करते हैं। मेरे क्लाइंट गोपाल धाकड़ बुजुर्ग हैं। निर्दोष हैं, उन्हें अकारण 5 घंटे थाने में रखा गया। उनका कहना है कि एसआई को महिलाओं और वकीलों से किस तरह बात की जानी चाहिए, इसकी समझ नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि बुजुर्ग गोपाल धाकड़ अपने पोते से पूरी तरह अलग हो चुके हैं। उन्होंने इसकी सार्वजनिक सूचना भी जारी की है। कैलारस थाने में हुए कथित गलत व्यवहार को लेकर महिला वकील ने अपना विरोध भी दर्ज करवाया है। टीआई ने कहा- किसी भी तरह की अभद्रता नहीं हुई कैलारस टीआई वीरेश कुशवाह के अनुसार अरुण आरोपी है। उसकी शादी हुई है या नहीं, इसकी जानकारी थाने को नहीं है। वह बलात्कार के मामले में फरार है, इसलिए पूछताछ के लिए उसके दादा गोपाल धाकड़ को थाने लाया गया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। महिला वकील को सिर्फ मामले की जानकारी दी गई थी, उनके साथ किसी तरह की अभद्रता नहीं हुई।


