बूंदी के डाबी थाना क्षेत्र में हुए 5 साल पुराने रेप के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। एससी/एसटी कोर्ट बूंदी के न्यायाधीश संजय गुप्ता ने दोषी को 10 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियुक्त सूतड़ा, थाना डाबी का निवासी है। यह फैसला 10 फरवरी 2026 को सुनाया गया। घटना 16 अप्रैल 2020 को दोपहर 12 से 1 बजे के बीच हुई थी। पीड़िता हाथ-मुंह धोने जा रही थी, तभी तेजाजी चौक के पास दोषी ने उसे रोका। उसने पीड़िता का हाथ पकड़कर जबरदस्ती बाइक पर बैठा लिया और जान से मारने की धमकी दी। अभियुक्त पीड़िता को एक टापरी में ले गया, जहां उसने रेप किया। वारदात के बाद वह पीड़िता को पुलिया के पास छोड़कर फरार हो गया। पीड़िता ने घर पहुंचकर अपनी भाभी को घटना की जानकारी दी। जिस पर भाभी ने अपने भाई और पीड़िता के पति को बुलाया, जिसके बाद डाबी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। डाबी थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच पूरी होने पर न्यायालय में चालान पेश किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक शिव तोषनीवाल ने पैरवी की। उन्होंने न्यायालय के समक्ष 20 गवाह और 15 दस्तावेज प्रस्तुत किए, और अभियुक्त के लिए कड़ी सजा की मांग की। कोर्ट ने 10 फरवरी 2026 को खुली अदालत में यह फैसला सुनाया। दोषी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 366 के तहत 7 साल के कारावास और 10,000 रुपए जुर्माने की सजा दी गई। इसके अतिरिक्त, धारा 376 के तहत उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20,000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। दोषी को जेल भेज दिया गया है।


