रेलवे अफसर करा रहे ट्रेन हादसे, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब:रेल कर्मी की जनहित याचिका पर हुई सुनवाई, हाईकोर्ट ने DRM को जारी किया नोटिस

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में अफसर सुरक्षा व्यवस्था को दरकिनार कर ट्रेनों के इंजन के पहियों में ड्रिलिंग कराया जा रहा है। जिससे इंटेशनली हादसे कराया जा रहा है। यह आरोप एक रेलकर्मी ने लगाते हुए हाईकोर्ट ने जनहित याचिका दायर की है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए DRM को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दरअसल, अमोश नाग दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायगढ़ में आपरेशनल विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने जनहित याचिका दायर कर रेलवे के अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वित्तीय लाभ हासिल करने के लिए नियमों को ताक पर रखकर ट्रेनों के इंजन के पहिए में ड्रिलिंग करा रहे हैं। रेल अफसरों के रवैए से हादसा होने का खतरा
रेल कर्मी ने हाईकोर्ट को बताया कि रेलवे अधिकारी इंटेशनली एक्सीडेंट कराया जा रहा है, जिसकी जानकारी होने पर उन्होंने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इससे ट्रेनों में हादसा होने का खतरा है। उन्होंने बताया कि पहले उन्होंने रेलवे में चल रही अनियमितताओं को लेकर पहले रिट याचिका दायर की थी, जिसमें कोर्ट ने उन्हें जनहित याचिका लगाने की छूट दी थी। 6 महीने में अल्ट्रा सॉनिक टेस्टिंग के बजाए करा रहे ड्रिलिंग
उन्होंने बताया कि रेलवे इंजन के व्हील के साथ ड्रिलिंग करना अवैधानिक है और इससे गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि रेलवे के पास बड़ी संख्या में नए एक्सल उपलब्ध हैं, जिससे ड्रिलिंग की कोई आवश्यकता नहीं है। हर छह महीने में उसकी अल्ट्रा सॉनिक जांच कराई जाती है। लेकिन, अफसर वित्तीय लाभ के लेने के लिए ड्रिलिंग करा रहे है, जो गलत है। हाईकोर्ट ने दिए स्पष्ट निर्देश, रेलकर्मी को न हो परेशानी
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि नाग ने पहले इन मुद्दों को क्यों नहीं उठाया। इस पर नाग ने कहा कि वह अब इस मामले को लेकर आए हैं ताकि रेलवे में हो रही खामियों को उजागर किया जा सके। सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने कहा कि यह मामला बेहद महत्वपूर्ण है और अब हाईकोर्ट इसे जनहित याचिका के रूप में सुनेगा। उन्होंने नाग की सराहना करते हुए केंद्र सरकार के वकील रमाकांत मिश्रा को स्पष्ट निर्देश दिया कि नाग को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। बता दें कि रेलवे प्रशासन ने खामियों को उजागर करने पर उनका तबादला कर दिया है। जिसके बाद भी वो काम कर रहे हैं।

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