रेलवे की अव्यवस्थाओं, खस्ताहाल के लिए कौन है जिम्मेदार ?
शिकायत विभाग महज एक दिखावा
शहडोल। भारत देश में रेलवे की अव्यवस्थाओं को लेकर आए दिन सवाल उठते रहते हैं लेकिन रेलवे प्रशासन इन समस्याओं पर गंभीर दिखाई नहीं पड़ती है बल्कि यात्रियों को दुविधा में रखने के लिए हेल्पलाइन नंबरों का निष्पादन कर दिया है और इन हेल्पलाइन नंबरों की स्थिति यह है कि शिकायतकर्ता शिकायत करने के बाद अपने गंतव्य स्टेशन तक पहुंच जाता है लेकिन निराकरण नहीं हो पाता है। ऐसा ही कुछ मामला अभी हाल ही में विंध्याचल एक्सप्रेस भोपाल से कटनी के बीच आते वक्त देखने को मिला उपरोक्त वीडियो ट्रेन की है ट्रेन क्रमांक 11272 विद्यांचल एक्सप्रेस की बोगी नंबर एस-2 सीट क्रमांक 9, 10, 11, 12 में बैठे पैसेंजर ने अपना अनुभव मीडिया के साथ शेयर किया। शहडोल जिले के एस-2 के बर्थ में बैठे पैसेंजर संदीप चौबे और उसकी फैमिली के साथ कुछ ऐसी घटना घटी जिससे रेलवे की हेल्पलाइन नंबरों की हकीकत सामने आ गई। वाक्या कुछ इस प्रकार है कि संदीप चौबे और उसकी फैमिली रेलवे के विंध्याचल एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 11272 में एस-2 बर्थ पर कटनी तक के लिए सफर कर रहे थे इस दौरान एस-2 के बर्थ के सामने 15 नंबर की सीट पर पैसेंजर के द्वारा मदिरा का सेवन किया जा रहा था हालांकि इस दौरान कोई प्रतिक्रिया व्यक्ति नहीं की गई लेकिन कुछ समय के पश्चात मदिरा पी रहे 15 नंबर के पैसेंजर के द्वारा एक व्यक्ति के साथ हाथापाई की और व्यक्ति फिर अपनी सीट पर जाकर बैठ गया।
हेल्पलाइन नंबरों की हकीकत
139 हेल्पलाइन नंबर रेलवे के द्वारा जारी विभिन्न प्रकार की सेवाओं के लिए की गई हेल्प लाइन सेवा है। पीडित द्वारा 139 पर शिकायत दर्ज कराएगी इसके पश्चात रेलवे मदद के द्वारा कॉल को रिटर्न किया गया कुछ समय के पश्चात बीना स्टेशन में सीआरपीएफ की एक टुकड़ी समस्या के निदान हेतु पहुंची और वह केवल मौका का मुआयना करते हुए अपने गंतव्य चला गया लेकिन किसी भी तरह की कोई मदद रेलवे की सीआरपीएफ के द्वारा नहीं की गई।


