रेलवे यूनियन मान्यता चुनाव के नतीजे गुरुवार को घोषित हो गए। चुनाव में उतरीं 4 यूनियनों में से दो ने 35 फीसदी से अधिक मतदान प्राप्त कर मान्यता हासिल की। उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर संघ (यूपीआरएमएस) को 38.5 फीसदी और नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉइज यूनियन (एनडब्ल्यूआरएयू) को 37.3 फीसदी वोट मिले। लगातार तीसरी बार जोन स्तर पर दोनों यूनियन को मान्यता मिली है। अब दोनों यूनियन अगले पांच साल के लिए मान्य होंगी। इनके अलावा अन्य दो यूनियन उत्तर पश्चिम रेलवे कर्मचारी संघ को 21.3% और स्वतंत्र बहुजन रेलवे एम्पलॉइज यूनियन को 2.7% मत मिले। वोट प्रतिशत कम होने के कारण इन्हें मान्यता नहीं मिल पाई। यह नतीजे उत्तर-पश्चिम रेलवे जोन के सभी वोटों को मिलाकर जारी किए गए। इस चुनाव के लिए 4, 5 व 6 दिसंबर को पूरे जोन में वोटिंग की गई थी। उदयपुर संभाग में कुल 5 बूथ थे, जिन पर कुल 2384 मतदाताओं में से 2106 ने वोट डाले। ये कुल वोट का 88% था। रेलवे के नियमों के मुताबिक वोटों की बूथ वाइज गिनती नहीं होती है। मंडल स्तर पर चुनावों की गिनती की गई। जोन में सभी मंडल व कारखानों के वोट मिलाकर परिणाम जारी किए गए। यह चुनाव 11 साल बाद हुए थे। मान्यता मिलने के मायने…. पीएनएम मीटिंग में शामिल होने के लिए अधिकृत चुनाव में 35 फीसदी से अधिक वोट हासिल करने वाली 2 यूनियन को मान्यता मिल गई है। मान्यता मिलने के बाद अब ये दोनों ही यूनियन भारतीय रेलवे बोर्ड, जोन और मंडल स्तर पर होने वाली परमानेन्ट निगोशिएरिंग मशीनरी (पीएनएम) मीटिंग मंे शामिल होने के लिए अधिकृत हो गई है। यह बैठक रेलवे बोर्ड, जोनल और मंडल स्तर पर आयोजित की जाती हैं। इन बैठकों का मकसद, रेलवे कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना होता है। साल में मंडल स्तर पर 6, जोन स्तर पर 4 और बोर्ड स्तर पर 3 मीटिंग होने का प्रावधान है। यूनियन पदाधिकारियों को रेलवे ऑफिस, यात्रा के पास सहित अन्य सुविधाएं मिलेगी। अब इनकी मान्यता 5 साल तक होगी। मान्यता मिलने पर दोनों यूनियनों ने जश्न मनाया :चुनाव के नतीजों को लेकर स्टेशनों पर सुबह से ही सुगबुगाहट रही। हर कोई इस बार बदले समीकरण के कारण नतीजों को लेकर चिंतित था। सुबह 8 बजे से जयपुर व अजमेर में मतगणना शुरू हुई तो हर जगह सिर्फ मोबाइल पर ही पल-पल की अपडेट के लिए रेलवे कर्मचारियों की निगाहे टिकी रही। कर्मचारी संघ ने मजदूर संघ को नुकसान पहुंचाया अभी तक एम्पलॉइज यूनियन ही नंबर 1 आ रही थी और मजदूर संघ दूसरे नंबर पर। दोनों देश में भी सबसे बड़े संगठन हैं। लेकिन, इस बार अप्रत्यक्ष रूप से केंद्र सरकार व रेल मंत्रालय के समर्थन से कर्मचारी संघ भी मजबूती से चुनाव मैदान में था। इसने रेलवे में सबसे बड़े समूह माने जाने वाले एससी-एसटी एसोसिएशन, ओबीसी एसोसिएशन व ट्रैकमैन एसोसिएशन को अपने साथ जोड़ लिया। यहीं से चुनावी समीकरण बदल गए। इनका वोट बैंक टुकड़ों में बंट गया। इसका सबसे बड़ा झटका 100 साल पुरानी एम्पलॉइज यूनियन को लगा। पिछले साल के मुकाबले उनका वोट शेयर 10-11% टूट गया। 2007 में सबसे ज्यादा 61% के साथ इस यूनियन ने मान्यता प्राप्त की थी। इसके बाद 2013 में कर्मचारी संघ खड़ा हुआ और इसका 13% वोट बैंक गिरा। अबकी बार फिर से 11 फीसदी वोट बैंक टूट गया। जानकारों के मुताबिक यह वोट कर्मचारी संघ ले गया। लेकिन, मजदूर संघ के वोट बैंक पर असर नहीं पड़ा। बीते 2 चुनावों के नतीजों में इस संघ को 2007 में 37 फीसदी और 2013 में 39 फीसदी वोट मिले थे। जो इस साल 38.5 यानि इसी के आसपास रहे। किसको कितने वोट मिले…. उत्तर पश्चिम रेलवे में कुल 46459 मतदाताओं में से 90 फीसदी मतदान हुए थे। यानि कुल 41870 मतदाताओं ने अपने वोट डाले। इनमें से अलग-अलग कारणों से 562 मत अमान्य घोषित किए गए। यानि मान्य 41308 मतों ने चारों यूनियन का भविष्य तय किया। इनमें से मजदूर संघ को सबसे ज्यादा 15906 वोट मिले। दूसरे नंबर पर एम्पलॉइज यूनियन रही जो मजदूर संघ से सिर्फ 492 वोटों से पीछे रही। जबकि बीते दो चुनाव 2007 आैर 2013 में एम्पलॉइज यूनियन ही प्रथम स्थान पर रही थी। कर्मचारी संघ ने 8825 मत और स्वतंत्र बहुजन यूनियन ने 1139 वोट मिले। अजमेर मंडल में भी मजदूर संघ ने 36.9 फीसदी मतदान हासिल किए, जबकि एम्पलॉइज यूनियन को 32 फीसदी वोट मिले। बता दें उदयपुर संभाग उत्तर पश्चिम रेलवे जोन के अजमेर मंडल में आता है। मजदूर संघ ने सिटी स्टेशन पर पटाखे जलाकर जश्न मनाया मजदूर संघ ने सिटी स्टेशन पर शाम को पटाखे जलाकर खुशियां मनाई। यूनियन में पहली बार नंबर 1 पर आने का जोश रहा। इस दौरान यूनियन के सदस्य उमराव मीणा, हरिकेश मीणा, संदीप जैन, अर्जुन सिंह, प्रेमशंकर जोशी, हंसराज मीणा, मोहम्मद मीणा, मनजीत आदि सदस्य मौजूद रहे। एम्पलॉइज यूनि. ने राणाप्रताप नगर स्टेशन पर लड्डू बांटे एम्पलॅाइज यूनियन ने राणाप्रताप नगर स्टेशन पर स्थित कार्यालय में एक-दूसरे को लड्डू खिलाएं। इस दौरान यूनियन के एन एल विजय, निशिथ श्रीवास्तव, मुनेश कुमार मीना, संजीव मलिक, राजेश चौधरी, सुरेंद्र सोनी, अंकित उपाध्याय, राकेश शर्मा समेत कई सदस्य मौजूद रहे।


