रायपुर के सरस्वती नगर स्थित रेलवे फाटक को स्थायी रूप से बंद करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। इससे पहले रेलवे यात्रियों की सुविधा को देखते हुए करीब पौने दो करोड़ रुपए की लागत से 610 मीटर लंबी कंक्रीट सड़क तैयार कराई है। लेकिन सड़क किनारे जिने लोगों के घर बन हैं, उनकी शिकायत है कि रेलवे ने सड़क तो बनाई लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया है। दरअसल, हुआ ये है कि रेलवे ने कंक्रीट की सड़क बनाने के सड़क की सफाई नहीं कराई। जिससे कंस्ट्रक्शन मटेरियल जैसे रेत, गिट्टी ये सब सड़क पर ही रह गया। मोहल्ले के लोगों के मुताबिक जब भी कोई तेज रफ्तार गाड़ी सड़क से गुजरती है। धूल उनके घरों में आती है। कुछ लोगों ने बताया कि धूल के चलते उन्हें सांस संबंधी बीमारियां भी होने लगी है। लोकल एडमिनिस्ट्रेशन से शिकायत के बाद हालत सुधरे नहीं है। सड़क निर्माण के बाद दो और काम अधूरे रह गए है। रेलवे ने सड़क बनाने के बाद बिजली के खंभों को शिफ्ट नहीं किया है। ये खंभे सड़क के बीचों-बीच खड़े है। इसके अलावा ट्रैक से लगे सड़क के किनारे को कवर्ड भी नहीं किया है। इसके चलते सुरक्षा कॉम्प्रोमाइज हुई है। पुरे मामले पर सीनियर DCM अवधेश कुमार त्रिवेदी से भास्कर की बात हुई। त्रिवेदी ने बताया तीनों ही चीजों पर काम शुरू कर दिया जाएगा। और जल्द से जल्द समस्या दूर हो जाएगी। रेलवे का मकसद एक्सप्रेस ट्रेनों की रफ्तार को बनाए रखना है। फाटक बंद होने के बाद सरस्वती नगर स्टेशन पर ट्रेनों को धीमा नहीं करना पड़ेगा, जिससे ट्रेन परिचालन ज्यादा सुगम और सुरक्षित हो जाएगा। छह महीनों से धूल खा रहे मोहल्लेवासी मोहल्ले-वासियों ने बताया कि छह महीने पहले रोड निर्माण शुरू हुआ था। तब से समस्या बनी हुई है, महिलाओं का कहना है कि धूल और गंदगी इतनी हो गई कि घरों में काम करने के लिए कामवाली नहीं मिल रही है। इसी मोहल्ले के प्रदीप ने बताया कि 22 नवंबर में लंग्स में समस्या हुई। डॉक्टरों ने बताया कि सीमेंट और जिप्सम का इंफेक्शन हुआ है। रिकवरी में दो से तीन महीने का वक्त और लग सकता है। कई बार शिकायत हुई लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ है। पढ़िए मोहल्ले वासियों ने क्या समस्या बताई….
मंडल में पहले भी बंद हो चुके हैं 5 फाटक रेलवे मंडल में अब तक 5 रेलवे फाटक बंद किए जा चुके हैं। इससे ट्रेनों की गति 20 से 50 किमी प्रति घंटा तक बढ़ी है। हालांकि फाटक बंद होने से यात्रियों को थोड़ी असुविधा होगी, लेकिन सुरक्षा और संचालन के लिहाज से इसे जरूरी कदम बताया जा रहा है। रोज 40 से ज्यादा बार बंद होता है फाटक मुंबई–हावड़ा रेल मार्ग पर स्थित सरस्वती नगर रेलवे फाटक दिनभर में औसतन 40 से ज्यादा बार बंद होता है। इसके चलते यहां हमेशा ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। रेलवे ने यातायात को वैकल्पिक मार्ग पर मोड़ने की योजना तैयार कर ली है। अब लोगों को आमानाका गेट की ओर से आवाजाही करनी होगी। बिजली के खंभे बने बाधा नई सड़क के बीच में बिजली विभाग के 17 खंभे आ रहे हैं। इन्हें हटाने के लिए रेलवे ने बिजली विभाग को 25 लाख रुपए का भुगतान कर दिया है। जल्द ही खंभों को शिफ्ट किया जाएगा, जिसके बाद सड़क पूरी तरह चालू हो सकेगी। स्कूली बच्चे और ऑफिस जाने वाले सबसे ज्यादा परेशान सरस्वती नगर रेलवे फाटक पर लगने वाला जाम अब लोगों की बड़ी परेशानी बन चुका है। सुबह 10 से 12 बजे शाम 5 से 9 बजे इस टाइम पर दोनों ओर करीब 1 किलोमीटर लंबा जाम लगना आम बात है। स्कूली बसें घंटों फंसी रहती हैं। जिससे बच्चों को स्कूल पहुंचने में देर होती है। वहीं दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भी रोजाना देरी झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक इस मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं।


