भास्कर न्यूज | अमृतसर सर्व शिक्षा अभियान मिड-डे मील कार्यालय कर्मचारी रेगूलर न करने और वेतन में कटौती के िवरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसको लेकर जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से निर्देश निकाले गए हैं कि सेक्रेटरी स्कूल शिक्षा विभाग के हुकमों पर जो कर्मचारी हड़ताल पर हैं और हाजिरी लगा रहे हैं। वह दफ्तरी काम करने के पाबंद होंगे। यदि कोई कर्मचारी काम करने से मना करता है तो इसकी लिखित सूचना मुख्य दफ्तर को भेजी जाए। उन्होंने कहा िक जो कर्मचारी काम नहीं कर रहा, उन्हें हाजिरी न लगाने दी जाए। इसमें िकसी भी तरह की लापरवाही की जिम्मेदारी डीईओ दफ्तर की होगी। दूसरी ओर यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर 9 जनवरी को शिक्षा भवन का घेराव करने का एलान कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि मांगें मानने के बावजूद उन पर अमल नहीं किया जा रहा है। 26 दिसंबर को वित्त मंत्री हरपाल चीमा की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी की बैठक के बाद कर्मचारियों को बताया गया था कि 30 दिसंबर को अधिकारी समिति की बैठक होगी, लेकिन अधिकारी ने कोई बैठक नहीं की। कमेटी और अगली तारीख के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश फिर बढ़ गया है। नेताओं ने कहा कि मोहाली शिक्षा भवन के बाहर धरना 37वें दिन भी जारी रहा और कर्मचारियों की कलम छोड़ हड़ताल 30वें दिन में प्रवेश कर गई है। 2022 में सीएम और 2024 में कैबिनेट सब कमेटी के कार्यालय कर्मियों को रेगूलर करने की सहमति देने के बाद भी उन्हें रेगूलर नहीं किया जा रहा। कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष विकास कुमार, नरिंदर कौर, मनिंदर कौर, संजना, उर्मिला ने कहा कि मुख्यमंत्री के फैसले से बाद में कैबिनेट सब कमेटी ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, वेतन कटौती दूर करने के फैसले लेकर अधिकारियों को 4 बार आदेश जारी किए, लेकिन वित्त विभाग के अधिकारी जानबूझकर मामले को उलझाए रहे हैं।


