रोजा सिर्फ भूखा-प्यासा रहने का नहीं, अहंकार और बुराई से दूर रहने का जरिया: शाही इमाम

भास्कर न्यूज | लुधियाना शहर में शुक्रवार को रमजान के दूसरे जुम्मे की रूहानी रौनक देखते ही बनी। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद अकीदतमंदों का उत्साह कम नहीं हुआ। जामा मस्जिद फील्डगंज सहित शहर की तमाम छोटी-बड़ी मस्जिदों में हजारों रोजेदारों ने खुदा की बारगाह में सजदा किया और मुल्क व दुनिया में अमन-चैन व विश्व शांति के लिए विशेष दुआ मांगी। इस दौरान जामा मस्जिद में मजमे को संबोधित करते हुए पंजाब के शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने इंसानियत और रूहानियत का गहरा संदेश दिया। शाही इमाम ने जोर देकर कहा कि रमजान का यह पाक महीना केवल मुसलमानों के लिए नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए अल्लाह की विशेष रहमत है। उन्होंने नसीहत दी कि खुदा की जमीन पर अकड़ कर चलने वाले और घमंडी लोग अल्लाह को कतई पसंद नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोजा केवल भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं है, बल्कि एक सच्चे रोजेदार को चुगली, बुराई और अहंकार जैसे गुनाहों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए। अल्लाह उन नेक बंदों को पसंद करता है जो दूसरों की गलतियों को माफ करने का जज्बा रखते हैं। रमजान की फजीलत बताते हुए उन्होंने कहा कि इस पाक महीने में की गई एक नेकी का सवाब 70 गुना बढ़कर मिलता है। यह महीना अपने पुराने गुनाहों की माफी मांगने और स्वयं के चरित्र को सुधारने का सबसे बेहतरीन जरिया है। नमाज के तुरंत बाद लोगों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दिल खोलकर जकात और खैरात दी।

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