पुलिस कमिश्नर ने तेलघानी नाका के आसपास मालवाहक व हल्के वाहनों के आवागमन पर 5 घंटे तक रोक लगा दी है। नो-एंट्री शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक रहेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहता है। लोगों को रेलवे स्टेशन आने-जाने में भी दिक्कत होती है। यदि पुलिस का यह प्रयोग सफल रहा तो इसे आगे भी जारी रखा जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तेलघानी नाका के आसपास 300 से ज्यादा दुकानें व गोदाम हैं, जहां 24 घंटे माल की लोडिंग और अनलोडिंग का काम चलता है। इस वजह से रेलवे स्टेशन के गेट नंबर 1 व 2, तेलघानी नाका चौक और अग्रसेन चौक पर लंबा जाम लगता है। लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। मालवाहकों की नो-एंट्री से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। केलकरपारा, तेलघानी नाका, गंज, मंडी, भैंसथान, नहरपारा और अग्रसेन चौक के आसपास 300 से ज्यादा दुकानें व गोदाम हैं। इसके अलावा 270 ट्रांसपोर्ट कंपनियां संचालित हैं, जहां दूसरे राज्यों से भी माल आता है। यहां 24 घंटे लोडिंग-अनलोडिंग चलती रहती है। रोजाना सुबह और शाम करीब 2 हजार मालवाहक लोडिंग-अनलोडिंग के लिए आते हैं। ज्यादातर माल शाम के समय पहुंचता है। इसी वजह से
अचानक ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है और जाम की स्थिति बनती है। यहां के ट्रांसपोर्टर सरकार से शहर के आउटर में जमीन की मांग कर रहे हैं, ताकि अपने गोदाम शिफ्ट कर सकें। इससे यहां लोडिंग-अनलोडिंग बंद हो जाएगी। इसके अलावा इस रूट पर सबसे ज्यादा ई-रिक्शा व ऑटो चलते हैं, क्योंकि नजदीक में रेलवे स्टेशन है और वहां 24 घंटे यात्री आते-जाते रहते हैं। इसी को देखते हुए पांच घंटे की नो-एंट्री का फैसला लिया गया है। तेलघानी नाका वन-वे पर विचार : पुलिस तेलघानी नाका ओवरब्रिज को वन-वे करने पर विचार कर रही है। एक्सपर्ट के माध्यम से यहां सर्वे कराया जाएगा। पुलिस यह आकलन कर रही है कि वन-वे करने से लोगों को कितना फायदा होगा, आने-जाने में कितना समय बचेगा और जाम से कितनी राहत मिलेगी। प्रस्ताव है कि रामनगर-गुढियारी जाने के लिए लोग रामनगर अंडरब्रिज का उपयोग करें, जबकि तेलघानी नाका से स्टेशन आने के लिए ओवरब्रिज का इस्तेमाल करें। यदि सर्वे रिपोर्ट सकारात्मक आती है, तो इस तरह की वन-वे व्यवस्था लागू की जाएगी। इन सड़कों पर रहेगी सख्ती, नहीं मानने पर कार्रवाई


