शहर के गगन पथ पर यूनियन बैंक के सामने नौ दिन पहले लक्की पहलवान पर हमले और इलाज के दौरान उसकी मौत हो जाने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी पुरानी आबादी के प्रभु चौक निवासी रामनिवास उर्फ रामू पुत्र ओमप्रकाश, अशोक नगर बी के यश गुप्ता पुत्र लक्ष्मीकांत और छजगरिया मोहल्ला के अनुराग उर्फ अनु पुत्र विनोद कुमार से पूछताछ में सामने आया है कि लक्की पहलवान की रुपए के लेनदेन को लेकर राहुल शर्मा से रंजिश थी। उसी ने यह हमला करवाया था। हालांकि मुख्य आरोपी की तलाश के लिए अभी प्रयास किए जा रहे हैं।
पकड़े गए तीनों आरोपी लक्की पहलवान की रैकी करने, लोहे की पाइपों से वारदात के लिए हथियार तैयार करवाने आदि एक्टिविटी में शामिल थे। ये लोग वारदात के दौरान भी मौजूद थे। सीसीटीवी कैमरों से इसकी पुष्टि हुई है।
राहुल का था लक्की से विवाद
ब्लॉक एरिया निवासी राहुल शर्मा का लक्की पहलवान से रुपए के लेनदेन को लेकर विवाद था। राहुल ने लक्की से दस लाख रुपए उधार लिए थे। ये रुपए वह सट्टे में हार गया। इसी रुपए की वसूली के लिए पिछले साल दिसंबर में लक्की ने राहुल के घर जाकर उसे डराया धमकाया था। सामान तोड़ फोड दिया और घर में आग लगाने की कोशिश की थी। इस संबंध मेंराहुल ने कोतवाली में मामला दर्ज करवाया था। इसमें लक्की पहलवान को गिरफ्तार किया गया था। तब से लक्की की राहुल से रंजिश थी।
एक अरोपी ने भागने की कोशिश की
पकडृे गए आरोपियों में से एक रामनिवास के ठिकाने पर जब पुलिस पहुंची तो उसे इसका अनुमान हो गया। इस पर उसने पड़ोस की छत से भागने की कोशिश की। इस दौरान छलांग लगाने से उसके पैरों में चोट लगी। उसे गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने इलाज दिलवाया है। इस मामले में हमले के मुख्य आरोपी का अभी पता लगाया जा रहा है।
11 दिसंबर को हुआ था लक्की पर हमला
लक्की पहलवान पर 11 दिसंबर को दोपहर ढाई बजे हमला हुआ था। उस पर लोहे की रॉड, तलवार आदि से हमला किया गया। इलाज के दौरान 14 दिसंबर को उसकी मौत हो गई थी। इस संबंध में लक्की की पत्नी के भाई मनीष शर्मा पुत्र अजय कुमार के पर्चा बयान पर मामला दर्ज किया गया। इसमें हर्ष,बुग्गी, काकू चांवरिया, सन्नी, भानू व राहुल कुंभा तथा सात-आठ अन्य पर मारपीट के आरोप लगाए गए थे। बाद में लक्की की मौत हो जाने पर मामले में हत्या की धाराएं जोड़ी गईं।


