लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रभात पांडे की मौत मामले ने राजनैतिक रंग ले लिया है। पुलिस भी एक्टिव है। गुरुवार सुबह डीसीपी सेंट्रल रवीना त्यागी टीम के साथ कांग्रेस कार्यालय पहुंचीं। कार्यालय में सर्चिंग शुरू हो गई है। डीसीपी दो लोगों से पूछताछ भी कर चुकी हैं। केयरटेकर और प्रदर्शनकारियों से पूछताछ की जा रही है। इस मामले में परिजनों ने बुधवार की रात हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। FIR अज्ञात के खिलाफ लिखी गई है। तथ्य मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि प्रभात के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। प्रदर्शनकारियों पर बल का इस्तेमाल नहीं किया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हार्ट अटैक से मौत की बात सामने आई है। इस मामले में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से पूछताछ की जाएगी। कांग्रेस कार्यकर्ता ने पार्टी ऑफिस का गेट किया बंद
कांग्रेस कार्यकर्ता द्वारिका जो प्रभात को लेकर अस्पताल गए थे। उनको पुलिस अपने साथ लेकर जा रही थी, लेकिन कुछ कांग्रेस नेताओं ने रोक लिया। उनका कहना है- जब प्रदेश अध्यक्ष अजय राय आएंगे, उनके सामने बयान दर्ज कराया जाएगा। अगर किसी को बयान लेना हो तो पार्टी कार्यालय के अंदर ले। पुलिस ऐसे किसी को थाने नहीं ले जा सकती है। कांग्रेस कार्यकर्ता ने पार्टी ऑफिस का गेट बंद कर दिया है। फिलहाल, किसी भी बाहरी की एंट्री नहीं हो रही है। केयरटेकर के दर्ज किए जाएंगे बयान
प्रभात पांडे पार्टी कार्यालय पर दो घंटे बेहोश था। बाद में इलाज के लिए इनोवा गाड़ी में उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि की। मामले में केयरटेकर के बयान दर्ज किए जाएंगे। घटनास्थल से कुछ सीसीटीवी निकाल लिए गए हैं। कुछ फुटेज निकाले जा रहे हैं। एंबुलेंस हुई लेट इसलिए इनोवा से ले गए
इधर प्रत्यक्षदर्शियों का मानना है कि प्रभात पांडे को पार्टी कार्यालय में 4.30 बजे बेहोश पाया गया। एंबुलेंस को बुलाने की कोशिश की गई, लेकिन देरी होने के कारण पार्टी की इनोवा गाड़ी से सिविल अस्पताल ले जाया गया था। कांग्रेस पदाधिकारी द्वारिका शुक्ला ने कहा- प्रभात बिल्कुल स्वस्थ थे। सुबह से प्रदर्शन में शामिल थे। अचानक क्या हुआ इसकी वजह समझ से परे है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक
पुलिस ने प्रभात के चाचा मनीष पांडे की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक पाया गया है। प्रभात के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। बिसरा को सुरक्षित रखा गया है ताकि मौत के कारणों की जांच की जा सके। कांग्रेस का आरोप- प्रशासन ने रची हत्या की साजिश
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने प्रभात पांडे की मौत के लिए लखनऊ पुलिस और यूपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने X पर लिखा कि यह घटना यूपी की बदहाल कानून व्यवस्था को दर्शाती है। प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा- पुलिस किस तरह से मिस हैंडलिंग की, यह सबने देखा। मेरे ऊपर पुलिस के लोग चढ़ गए, जिससे मैं बेहोश हो गया। 17 दिसंबर से पुलिस ने जो तैयारी की थी, उसमें कांटे की बैरिकेडिंग लगाई गई थी। पहली बार ऐसा हुआ है। कल से मेरे कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा था। मेरी मांग है, शव का पोस्टमॉर्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया जाए और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा- प्रशासन हत्या की साजिश रच रहा था। कांग्रेस के लिए यह दुख की घड़ी है। कांग्रेस मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपए देगी। सरकार एक करोड़ रुपए और प्रभात के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे। यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव रह चुके प्रभात
प्रभात पांडे यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव रह चुके हैं। वर्तमान में वह किसी पद पर नहीं थे। वह लखनऊ के विभूति खंड स्थित अपार्टमेंट में किराए पर रहते थे। प्रॉपर्टी का काम करते थे। प्रभात ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे। उनके पिता एलआईसी एजेंट हैं, जबकि परिवार में दो बहनें हैं। परिवार और कांग्रेस की मांग
प्रभात के परिजनों ने उनकी मौत के लिए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने भी पूरे मामले पर निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने प्रभात पांडे की मौत पर शोक जताया। यूपी प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और चौंकाने वाली है।


