लखनऊ के पॉलीटेक्निक चौराहे पर देर रात करीब 1 घंटे तक गाय सड़क पर तड़फती रही। मौके पर राहगीरों की मदद से गाय को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन करीब 1 घंटे की जद्दोजहद के बाद गाय की मौत हो गई। इस दौरान लोग गाय को बचाने के लिए पानी पिलाने, आग जलाकर ठंड से बचाने, शरीर को रगड़कर गर्माहट देने सहित अन्य प्रयास में लोग जुटे रहे। करीब 30 की संख्या में लोग गाय को बचाने के प्रयास में लगे रहे। नगर निगम,प्रशासन और एम्बुलेंस के नंबर पर नहीं मिला रिस्पॉन्स नगर निगम के कंट्रोल नंबर पर करीब 10-12 की संख्या में लोग एक घंटे तक फोन करते रहे, लेकिन फोन नहीं मिला। किसी भी व्यक्ति की कंट्रोल रूम के जरिए कोई बात नहीं हो सकी। नगर निगम के आलाधिकारियों को भी लोगों ने फोन कर मदद मांगने का प्रयास किया, लेकिन वहां से भी मदद नहीं मिली। आपातकालीन पशु सहायता नंबर 1962 पर करीब 32 मिनट तक कॉल चली। इसके बाद यहां से सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक कॉल करने की राय दी गई। जिला प्रशासन की तरफ से भी जारी हेल्पलाइन नंबर पर भी कोई फोन नहीं मिला। पुलिस ने जाकर नगर निगम कर्मियों को दी जानकारी सूचना के बाद मौके पर सबसे पहले पुलिस पहुंची। इस दौरान पुलिसकर्मी नगर निगम के कर्मचारियों को सूचना देने के लिए गए। वह भी कंट्रोल रूम का नंबर डायल करते रहे,लेकिन नहीं उठा था। रात के समय दरवाजा खटखटाने से मौके पर महिला नगर निगम कर्मी पुलिसकर्मियों पर भी नाराज हुई। वहीं, करीब 12:20 बजे गाय की मौत हो गई। इसके करीब एक घंटे बाद 1 बजकर 20 मिनट पर नगर निगम की गाड़ी पहुंची, जो गाय का शव लेकर गई। नगर निगम कंट्रोल रूम पर नहीं उठा फोन दिवाकर पांडे ने बताया कि 1 घंटे से गाय तड़प रही थी। मैं रास्ते में जा रहा था तो मैंने देखा। मौके पर रुककर पुलिस सहायता नंबर 112 पर कॉल किया तो पीआरवी आई। नगर निगम के कंट्रोल नंबर पर फोन किया लेकिन वहां पर फोन नहीं उठाया गया। पशुओं के लिए शुरू की गई एंबुलेंस सेवा पर फोन किया तो वहां कहा गया कि यह बात कालीन सेवा सुबह 9:00 से शाम 6:00 बजे तक ही चलती है। यह कैसी चक्कर में खत्म हो गई अगर कोई समय पर आता तो गाय की जान बच सकती थी। लखनऊ में शर्मनाक, सारे मंत्रालय यहीं शुभम शुक्ला ने बताया कि पॉलिटेक्निक चौराहे पर डेढ़ घंटे से गाय तड़प रही थी। मौके पर पुलिस पहुंची, लेकिन वह कोई चिकित्सीय सहायता नहीं कर सकती थी। मौके पर मौजूद करीब हर बंदे ने नगर निगम को फोन किया। उसके बाद भी यहां पर कोई व्यक्ति नहीं आया। इसके चलते दम तोड़ दिया। यह काफी शर्मनाक है। में लखनऊ में यह हुआ है जहां सारे मंत्रालय सारी सुविधा मौजूद है।


