लखनऊ से वेगन, ट्रैक और डिपो की रिपोर्ट का इंतजार:इसके बाद ही होगा मेट्रो का कमर्शियल रन; एमडी ने तकनीकी सिस्टम खुद चलवाकर देखे

मेट्रो ट्रेन के कमर्शियल रन की हलचल सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर यानी गांधी नगर से टीसीएस के बीच शुरू हो गई है। 6 किमी का यह हिस्सा मेट्रो संचालन के लिए लगभग तैयार हो गया है। रेलवे के रिसर्च, डिजाइन व स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) लखनऊ ने भी निरीक्षण पूरा कर लिया है। यहां से ग्रीन सिग्नल मिलते ही कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) कमर्शियल रन ऑपरेशन के लिए समय तय करेगा। संभवत: जनवरी में इसकी शुरुआत हो जाएगी। दूसरी ओर कॉर्पोरेशन के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने अब टीसीएस के आगे रेडिसन ट्रैक पर काम में तेजी लाने और इस पर फोकस करने के निर्देश सभी को दिए हैं। सरकार की मंशा अगले साल मध्य तक 17 किमी ट्रैक पर मेट्रो का ऑपरेशन शुरू करने की है। शुक्रवार को एमडी ने मेट्रो कॉरिडोर, डिपो, स्टेशन व ऑपरेशन सेंटर्स का निरीक्षण किया। इस दौरान कॉर्पोरेशन के स्थानीय अधिकारी व कॉन्ट्रैक्टर मौजूद रहे। एमडी ने सुपर कॉरिडोर के प्रायोरिटी ट्रैक के सभी स्टेशन देखे और यहां चल रहे छोटे कामों को जल्दी पूरा करने के लिए कहा। तकनीकी स्तर के कामों को धीमी गति से चलते देख संबंधित विभाग के अधिकारियों को तेजी से काम करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा, सभी काम आरडीएसओ की रिपोर्ट से पहले हो जाएं, जिससे तय समय पर कमर्शियल रन की शुरुआत हो सके। प्रतिदिन की रिपोर्ट भोपाल भेजने के भी निर्देश दिए हैं। निरीक्षण में प्रोजेक्ट निदेशक अजय गुप्ता, एमडी सिविल एलिवेटेड रणवीर सिंह राजपूत व एमडी अंडरग्राउंड सिविल अजय कुमार व सभी कंसल्टेंट मौजूद रहे। सुपर कॉरिडोर पर मेट्रो के स्टेशन का काम अंतिम दौर में पहुंच चुका है 31.5 किमी का काम वर्ष 2028 तक पूरा करना है 5.5 किमी में एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार हो चुका है 12 स्टेशन के लिए निगम से जमीन मांगी है कॉरपोरेशन ने 2025 जून तक गांधी नगर से रोबोट तक चलाने का दावा वेगन, ट्रैक व ऑपरेशन सिस्टम का निरीक्षण किया
आरडीएसओ की टीम हाल ही में प्रायोरिटी कॉरिडोर का निरीक्षण करने आई थी। टीम ने रोलिंग स्टॉक, वेगन, ट्रैक, सिग्नल, ऑपरेशन रूम व अन्य तकनीकी सिस्टम का निरीक्षण तय स्टैंडर्ड पर किया है। संगठन अब इसकी रिपोर्ट कॉर्पोरेशन को देगा, जिसके आधार पर अगली कार्रवाई शुरू होगी। उसके बाद ही कमर्शियल रन हो सकेगा। एमडी ने तकनीकी सिस्टम खुद चलवाकर भी देखे
निरीक्षण गांधी नगर डिपो से शुरू किया। रोलिंग स्टाक, ऑपरेशन सेंटर, प्रशासनिक भवन, कॉन्फ्रेंस हॉल व अन्य निर्माण देखे। सिग्नल सिस्टम व अन्य तकनीकी तैयारियों की जानकारी ली। स्टेशन के कार्य और यहां लग रहे विभिन्न तरह के तकनीकी सिस्टम का अवलोकन किया। अनाउंसमेंट सिस्टम, डिस्प्ले चलवाकर भी देखे। आईएसबीटी से एफओबी कनेक्टिविटी देंगे मेट्रो को
फोकस अब रेडिसन की ओर रहेगा। सुपर कॉरिडोर रेलवे ट्रैक के ऊपर काम करने की अनुमति भी मिल गई है। इसे शुरू करें। टीसीएस के बाद 11 स्टेशन, विजय नगर स्टेशन की समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने मेट्रो मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए एमआर-10 आईएसबीटी के एफओबी व अन्य काम भी देखे। अगले साल मध्य तक यहां भी मेट्रो चलेगी।

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