लखनऊ के लोक निर्माण विभाग (PWD) में एक बड़ा मामला सामने आया है। विभाग के एक बाबू ने बिना पद के 400 क्लीनरों को प्रमोशन देकर ड्राइवर बना दिया। यानी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को तृतीय श्रेणी में पदोन्नति दे दिया। इस मामले की शिकायत मलिहाबाद की विधायक जयदेवी और आजमगढ़ के विधायक अखिलेश यादव ने प्रमुख सचिव PWD से किया है। प्रमुख सचिव के निर्देश पर विभाग में बाबू के खिलाफ जांच बैठा दी गई है। जानिए क्या है मामला विधायक जयदेवी और अखिलेश यादव ने प्रमुख अभियंता कार्यालय लखनऊ में तैनात वरिष्ठ सहायक वैभव कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रमुख सचिव को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि वैभव कुमार ने चतुर्थ श्रेणी के 400 क्लीनरों को पदोन्नति देते हुए तृतीय श्रेणी के चालक पद पर पदोन्नति दे दी है। जबकि इतनी बड़ी संख्या में यह चालक के पद सेक्शन ही नहीं हैं। इसके साथ ही पत्र में कहा गया है कि गोरखपुर के थाना शाहपुर में वैभव कुमार के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पत्र में उनकी सत्यनिष्ठा पर भी सवाल उठाया गया है। कूटरचित दस्तावेज से पदोन्नति पाई
मुख्य अभियंता मुख्यालय-2 लखनऊ द्वारा अप्रैल 2017 से नवंबर 2017 के बीच वैभव कुमार की सत्यनिष्ठा संदिग्ध मानते हुए किसी संवेदनशील पद पर तैनात न करने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद वैभव ने कूटरचित तरीके से खुद को कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक के पद पर पदोन्नत कराकर ‘ग’ वर्ग में तैनाती करा ली। वर्तमान में प्रधान सहायक पद पर तैनात है। नियम विरुद्ध पदोन्नति का आरोप गहन जांच की मांग
दोनों विधायकों ने गंभीर आरोपों के तहत विभागीय अधिकारियों से वैभव कुमार के व्यक्तिगत अभिलेख और सेवा पुस्तिका की गहन जांच की मांग उठाई है। जांच पूरी होने तक वैभव कुमार का स्थानांतरण कराने और दोष सिद्ध होने पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। धूमिल हो रही विभाग की छवि
विधायक जयदेवी और अखिलेश यादव ने वैभव कुमार अनियमित कार्यों के जरिए विभाग की छवि धूमिल होने की बात कही है। विधायकों ने कहा है कि ऐसे बाबू के चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीरो टॉलरेंस का पलीता लग रहा है। विधायकों ने शीघ्र जांच कराकर दोषी पर कार्रवाई क मांग की है। प्रमुख सचिव ने शुरू कराई जांच मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रमुख सचिव अजय चौहान ने इन आरोपों की जांच शुरू कराई है। उन्होंने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो दोषी होगा उसपर सख्त कार्रवाई होगी।


