भास्कर न्यूज | सुकमा बस्तर में पुलिस जवानों के लगातार अंदरुनी इलाकों में बढ़ते दबाव और लगातार हो रहे एनकाउंटर को देखते हुए सुकमा में 1 महिला सहित 4 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह आत्मसमर्पण शासन की नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति और सुकमा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियानों से प्रभावित होकर हुआ है। अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैंप स्थापित किए जाने से पुलिस का प्रभाव बढ़ा है, वहीं नक्सलियों की अमानवीय और आधारहीन विचारधारा, उनके शोषण, अत्याचार और बाहरी नक्सलियों द्वारा भेदभाव किए जाने के कारण स्थानीय आदिवासियों पर हो रहे हिंसा से तंग आकर ये नक्सली संगठन को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में कलमू आयते (केएएमएस अध्यक्ष, दुलेड़), नुप्पो रघु (मिलिशिया सदस्य), मड़कम कोना (मिलिशिया सदस्य), और सोड़ी लच्छा (मिलिशिया सदस्य) शामिल हैं। इनमें से कुछ नक्सलियों पर 2 लाख रुपये का इनाम भी घोषित था। शुक्रवार को इन नक्सलियों ने एसपी कार्यालय में निरीक्षक रोशन सिंह राजपूत, प्रभारी नक्सल सेल निरीक्षक अरपर्ण गोगोई आदि कई अफसरों के सामने नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया।


