फतेहाबाद पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (इकोनॉमिक सेल) ने धोखाधड़ी से शादी करवाने और 30 रुपए की ठगी करने वाले शातिर अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान लड़की के पिता राजस्थान के चूरू जिले के गांव देवगढ़ निवासी रामचंद्र और मौसा सिरसा जिले के गांव रूपाणा बिश्नोईयान निवासी विनोद कुमार के रूप में हुई है। इकोनॉमिक सेल प्रभारी संदीप ने बताया कि गांव दौलतपुर निवासी राइस मिल के सुपरवाइजर रमेश कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने उनके बेटे का रिश्ता झूठ बोल करवाया और उसके बेटे को नौकरी लगवाने के नाम पर 30 लाख रुपये भी हड़प लिए। लड़की को दिल्ली पुलिस में एसआई बताकर 2023 में करवाई शादी रमेश की शिकायत के अनुसार, उनके बेटे मोहित का रिश्ता फरवरी 2023 में आरोपी रामचंद्र की बेटी अंजू के साथ किया गया। उस समय रिश्ते की बात करने आरोपी रामचंद्र, उसका बेटा बंटी व साढू विनोद बिचौलिए राकेश के साथ आए थे। इन लोगों ने बताया कि लड़की दिल्ली पुलिस में एसआई लगी हुई है। इसके बाद 2 मई 2023 को शादी करवा दी गई। शादी के बाद लड़की उनके बेटे के साथ बहुत कम समय रही और अपनी ड्यूटी होने की बात कहकर चली जाती थी। शादी के बाद अंजू ने उनके बेटे मोहित को दिल्ली पुलिस में नौकरी लगवाने की बात की और कहा कि इस काम में 30 लाख रुपए लगेंगे। उस पर विश्वास करके उन्होंने 30 लाख रुपए दे दिए। काफी समय तक नौकरी न मिलने पर उन्हें शक हुआ। झूठी थी एसआई होने की बात रमेश कुमार ने पुलिस को बताया कि बाद में उन्हें पता चला कि अंजू के दिल्ली पुलिस में एसआई होने की बात भी झूठी है। इसके बाद उन्होंने 29 अक्टूबर 2024 को राजस्थान के चूरू जिले में अंजू के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया। उसकी गिरफ्तारी भी हुई। इसके बाद मोहित को पता चला कि अंजू, उसके पिता, भाई व मौसा ने उनके साथ धोखा किया है। अब रकम वापस मांगते हैं तो झूठे केस में फंसाने की धमकियां देते हैं। पुलिस ने अब इस मामले में रामचंद्र व उसके साढू विनोद कुमार को पकड़ा है।


