भास्कर न्यूज | राजनांदगांव स्थानीय गांधी सभागृह में सप्तरंग समारोह का आयोजन किया गया। तीन दिवसीय आयोजन में समारोह ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर पहले दिन लवकुश की कथा से वर्तमान बॉलीवुड में उसकी झलक को कत्थक के माध्यम से दिखाया गया। यह काफी रोचक और दर्शनीय रहा। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार व स्थानीय चक्रधर कथक कल्याण केन्द्र के द्वारा तीन दिवसीय राष्ट्रीय सप्तरंग संगीत समारोह में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों ने अपनी कला की प्रस्तुति से मन मोह लिया। पहले दिन लखनऊ घराने के कलाकार एवं टीवी शो की कलाकार ने समारोह का शुभारंभ किया। अंतरराष्ट्रीय कलाकार नेहा सिंह व नेहा सिंह डांस कंपनी के कलाकारों ने कथक यात्रा की प्रस्तुति दी। इस यात्रा की शुरुआत लव कुश की कथा से की गई। इस अवसर पर कथक की विविध आयामों का सफलतापूर्वक प्रस्तुतिकरण किया गया, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। साथ ही शास्त्रीय गायन एवं कथक नृत्य में गुरु वंदना, कृष्ण वंदना ने दर्शकों को बांधे रखा। बालाघाट के कलाकारों ने संदेश आत्मा की प्रस्तुति देकर मोहा मन दूसरे दिन की प्रस्तुति में नाटक की प्रस्तुति हुई। नूतन कला निकेतन बालाघाट के कलाकारों के लिए संदेश आत्मा की प्रस्तुति दी। वादन में वाद्य वृद्धि के कलाकारों ने तबला एवं अन्य वाद्य यंत्रों का प्रभावशाली प्रस्तुतिकरण किया गया। अंतिम प्रस्तुति लखनऊ घराने के प्रतिनिधि कलाकार अनुज मिश्रा एवं अनुज मिश्रा डांस कंपनी लखनऊ के कलाकारों ने पद संचालन के साथ ही सजी बंदियों से सबको अचंभित किया। कथा रघुनाथ की प्रस्तुति से दर्शनों को मंत्र मुग्ध कर राम मय में कर दिया। कत्थक नृत्य के जरिए कृष्ण भजन रस के बारे में बताया अंतिम दिवस स्थानीय लोक कलाकारों के द्वारा संस्कार लोकगीतों का सुंदर प्रस्तुतिकरण किया। साथ ही चक्रधर कथक कल्याण केंद्र के कलाकारों ने कथक नृत्य में कृष्ण भजन रस एवं होली की सुन्दर प्रस्तुति दी। जिसमें शहर के नन्हें कला साधकों ने भी शिरकत की। हरिद्वार से वसुधा सिन्हा के द्वारा एकल प्रस्तुतिकरण किया गया। साथ ही शहर की प्रसिद्ध सिन्हा एवं वसुधा ने गंगा अवतरण की प्रस्तुति सराहनीय रही।


