लव मैरिज में रोड़ा बनी बहन की हत्या, उम्रकैद बरकरार:एमपी हाईकोर्ट ने कहा- ये ईर्ष्या से उपजी मानसिक विकृति; सरकार 90 दिन में लाएं नीति

लव मैरिज में आड़े आ रही छोटी बहन की हत्या के मामले में आरोपी बहन और उसके प्रेमी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। नरसिंहपुर के बहुचर्चित शिखा हत्याकांड में जबलपुर हाईकोर्ट ने हत्यारी बहन खुशबू और उसके प्रेमी राहुल को मिली उम्रकैद की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस हत्याकांड पर अहम टिप्पणियां की हैं, और राज्य सरकार को भी बड़े निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह मामला बहनों के बीच ईर्ष्या से पैदा हुई मानसिक विकृति का है। हाईकोर्ट ने कहा कि युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को ये आदेश दिए हैं कि वो स्कूल-कॉलेजों में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की नियुक्तियां करवाए। साथ ही कोर्ट ने सभी जिला अस्पतालों में मानसिक स्वास्थ्य क्लीनिक शुरू करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट पेश करने के लिए 90 दिनों का वक्त जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की कोर्ट ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि वो प्रदेश में मानसिक स्वास्थ्य नीति बनाकर लागू करें। कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को इस आदेश का पालन कर रिपोर्ट पेश करने के लिए 90 दिनों का वक्त दिया है। छोटी बहन थी बड़ी की लव मैरिज के खिलाफ 22 मार्च 2023 को नरसिंहपुर में यह हत्याकांड हुआ था। खुशबू नाम की आरोपी बहन, सोशल मीडिया के जरिए यूपी के अमेठी में रहने वाले राहुल सिंह नाम के आरोपी से जुड़ी थी। दोनों लव मैरिज करना चाहते थे लेकिन खुशबू की छोटी बहन शिखा इसके विरोध में थी। ऐसे में खुशबू और राहुल ने एक खौफनाक साजिश रची थी। खुशबू ने अपनी मां को नींद की गोलियां देकर सुला दिया था। फिर अमेठी से बुलाए अपने प्रेमी राहुल के साथ मिलकर अपनी छोटी बहन शिखा की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी बहन ने अपनी छोटी बहन की मौत का कारण बाथरूम में गिरना बताया था लेकिन शरीर पर चोट के निशान थे। पुलिस की सख्त पूछताछ में खुशबू ने अपना जुर्म कुबूल लिया था। कोर्ट ने दोनों को दी उम्रकैद की सजा 18 दिसंबर 2024 को नरसिंहपुर जिला अदालत ने आरोपी खुशबू और उसके हत्यारे प्रेमी राहुल दोनों को उम्रकैद की सजा दी थी जिसे उन्होने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को हाईकोर्ट ने इस सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।

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