भास्कर न्यूज | सेल 22 से 24 फरवरी 2026 तक आयोजित ऐतिहासिक गिरौदपुरी मेला इस वर्ष पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और आधुनिक व्यवस्थाओं के साथ संपन्न हुआ। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं ने गुरु गद्दी के दर्शन किए। सुरक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और डिजिटल सुविधाओं की सुदृढ़ व्यवस्था ने प्रशासनिक प्रबंधन की मिसाल पेश की। भीड़ वाले आयोजन में गुमशुदगी बड़ी चुनौती होती है, लेकिन इस बार अलग-अलग स्थानों पर स्थापित पुलिस सहायता केंद्रों की मदद से 32 गुमशुदा लोगों को उनके परिजनों से मिलाया गया। अनाउंसमेंट और समन्वय के जरिए बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को सुरक्षित परिवारों तक पहुंचाया गया। पूरे मेला क्षेत्र में राजपत्रित अधिकारियों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। 80 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी की गई। भीड़भाड़ वाले मार्ग, मुख्य प्रवेश द्वार, मंदिर क्षेत्र, पार्किंग स्थल और नदी किनारे विशेष फोकस में रहे। 100 मैनपेक और 30 स्टैटिक वायरलेस सेट से संचार व्यवस्था मजबूत रही। 8 गोताखोर जोंक नदी और तालाब क्षेत्र में तैनात रहे। 5 फायर ब्रिगेड वाहन, 15 से अधिक फिक्स पॉइंट, 2 क्रेन और 8 अग्निशमन वाहन अलर्ट मोड में रहे। 20 से अधिक पार्किंग स्थल विकसित किए गए, जिनमें छाता पहाड़ और शेरे पंजा स्थल प्रमुख रहे। 3.90 लाख श्रद्धालुओं ने किया निशुल्क भोजन: मेले का प्रमुख आकर्षण 250 दाल-भात केंद्र रहे, जो 21 स्थानों पर संचालित हुए। प्रतिदिन लगभग 1.30 लाख श्रद्धालुओं ने भोजन किया। तीन दिनों में कुल 3.90 लाख लोगों को निशुल्क भोजन कराया गया। स्वच्छता और सेवा भावना की श्रद्धालुओं ने सराहना की। भीड़ को देखते हुए 10 स्थानों पर चिकित्सा शिविर लगाए गए थे। 149 मेडिकल स्टाफ तैनात रहा। 10 एंबुलेंस उपलब्ध रहीं। 21,863 लोगों की ओपीडी जांच और 83 मरीजों का आईपीडी उपचार किया गया। स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से आयोजन के दौरान कोई बड़ी दुर्घटना सामने नहीं आई। इस बार मेले के लिए वेबसाइट और मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया। क्यूआर कोड के माध्यम से श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन और आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराई गईं।


