दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी थाना क्षेत्र में बीती देर शाम कार पर ओवरलोड ट्रक पलटने से तीन लोगों की मौत हो गई। देर रात सिकराय अस्पताल में मृतकों की पहचान मध्यप्रदेश के ग्वालियर निवासी कंचन पुत्र राघवेन्द्र, सुमित पुत्र भानुप्रताप और धौलपुर जिले के बाडी निवासी देवेन्द्र पुत्र निहालसिंह के रूप में हुई है। वहीं हादसे में कार ड्राइवर आशीष पुत्र सिद्धार्थ भदौरिया व एक अन्य घायल हो गए। जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस की सूचना पर परिजन मेहंदीपुर बालाजी के लिए रवाना हो गए थे। जिनके पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई कर शव परिजनों को सुपुर्द किए जाएंगे। हादसे में जान गंवाने वाले सभी मृतक व घायल मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन करने के बाद वापस लौट रहे थे कि बालाजी मोड से भरतपुर की ओर टर्न लेने के कुछ देर बाद ही ओवरलोड ट्रक उनकी कार पर पलट गया। हालांकि कार के पिछले हिस्से पर ही ट्रक पलटा, जिससे बैक सीट पर सवार तीनों युवकों की उसमें दबने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि ड्राइवर और फ्रंट सीट पर सवार एक अन्य युवक की जान बच गई। हालांकि उन्हें भी मामूली चोट आने पर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पूरे घटनाक्रम पर ट्रक चालक की लापरवाही सामने आई है। …और लहराता हुआ पलट गया ट्रक प्रत्यक्षदर्शी बालाजी मोड़ पर दुकानदार राकेश कुमार ने बताया कि ट्रेलर लहराता हुआ तेज रफ्तार में आ रहा था। इस दौरान वह अनियंत्रित होकर पहले उसने पिकअप को टक्कर मारी और फिर लहराता हुआ कार पर पलट गया। धमाके की आवाज सुनकर लोग मदद के लिए दौडे, जहां कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। कार में पांच लोग सवार थे, जिनमें से तीन लोग पीछे और दो लोग आगे की सीट पर बैठे हुए थे। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर मौके पर ट्रेलर छोड़कर फरार हो गया। ट्रैफिक दबाव के बावजूद बंदोबस्त नहीं जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर स्थित मेहंदीपुर बालाजी मोड तिराहे पर हमेशा ट्रैफिक का दबाव बना रहता है। यहां जयपुर-भरतपुर की तरफ आवाजाही के लिए यात्री वाहनों के अलावा अन्य भारी वाहनों की रेलमपेल बनी रहती है। साथ ही बालाजी महाराज के दर्शनों के लिए देशभर से आने वाले यात्रियों के निजि वाहन भी तिराहे से क्रॉसिंग करते रहते हैं। लेकिन भारी ट्रैफिक दबाव के बावजूद नियम अनुसार बंदोबस्त नहीं होने से हमेशा हादसों का खतरा बना रहता है। तिराहे पर सर्विस लेन के बावजूद सडक पर वाहनों की अवैध पार्किंग से अव्यवस्थाएं बनी रहती हैं, लेकिन व्यवस्था सुधारने की ओर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है।


