पंजाब के लुधियाना में मारपीट की FIR दर्ज होते ही अकाली पार्षद चतरवीर सिंह ने 6 दिन पहले आम आदमी पार्टी (AAP) जॉइन कर ली थी। पार्षद चतरवीर सिंह उर्फ कमल अरोड़ा पर आम आदमी पार्टी के ही वर्कर ने केस दर्ज कराया था। मंत्री लालजीत भुल्लर ने अरोड़ा का पार्टी में स्वागत किया था। आज फिर से चतरवीर सिंह ने शिअद में घर वापसी कर ली है। शिअद के पूर्व विधायक रणजीत सिंह ढिल्लों ने चतरवीर का पटका पहना कर स्वागत किया। चतरवीर ने वार्ड 20 से चुनाव जीता। जहां उन्होंने AAP के ही उम्मीदवार अंकुर गुलाटी को 415 वोटों से हराया था। इसके बाद 22 दिसंबर को उनके खिलाफ संजय गांधी कॉलोनी में रहने वाले AAP के कार्यकर्ता राकेश कुमार ने किडनैपिंग और मारपीट का केस दर्ज कर दिया। इसके अगले ही दिन 23 दिसंबर को वह AAP में शामिल हो गए थे। चतरवीर के आप में शामिल हो जाने के बाद आप के कुल 44 पार्षद हो गए थे लेकिन अब फिर से आप के पास 43 पार्षद ही रह गए है। वहीं अकाली दल के पूर्व विधायक रणजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि पार्षदों पर दबाव बनाकर उन्हें आप में शामिल करवाया जा रहा है। लेकिन शिअद के वर्कर मजबूत है। वह आप की किसी धक्केशाही से डरने वाले नहीं है। अब पढ़िए वह मामला, जिसमें पार्षद पर FIR हुई… पोलिंग बूथ पर हुआ था विवाद
पुलिस को दी शिकायत में राकेश कुमार बताया था कि घटना 21 दिसंबर को नगर निगम चुनाव के दौरान हुई थी। वह सेक्टर-32 में BCM स्कूल के बाहर AAP बूथ पर तैनात थे। तभी कमल अरोड़ा और उनके साथी उनसे भिड़ गए। अरोड़ा ने अपने साथियों को उससे निपटने के लिए कहा। राकेश कुमार ने बताया कि उन्हें हरविंदर सिंह नाम के व्यक्ति ने गुमराह किया, जिसने उन्हें सुरक्षा के लिए मतदान क्षेत्र छोड़ने के लिए राजी किया। फिर उसका अपहरण कर लिया गया। इसके बाद उसे भामियां रोड पर एक सुनसान इलाके में ले गया, जहां उसके साथ मारपीट की। इस बीच आरोपियों में शामिल परमिंदर सिंह को अरोड़ा का फोन आया, जिसमें उसे छोड़कर न जाने के लिए कहा गया। शराब पीने के लिए मजबूर करने और बुरी तरह से पीटने के बाद गंभीर हालत में एक खाली प्लाट में छोड़ दिया। वहां से उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया।


