चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खुद को जनरल मैनेजर बताकर एक जालसाज ने शारीरिक रूप से 80 प्रतिशत अक्षम व्यक्ति से 5 लाख रुपए की ठगी है। जालसाज ने उसे एयरपोर्ट पर विदेशों से गैरकानूनी तरीके से आने वाले जब्त किए सोने को नीलामी के जरिए सस्ते भाव में दिलवाने की बात कही। आरोपी ने उसे 1 किलो सोना दिलाने की डील की थी। आरोपी की पहचान राजगुरु नगर निवासी अर्शदीप सिंह के रूप में हुई है। राम नगर निवासी लवली जैन के बयान पर एफआईआर दर्ज की गई है। कॉमन फ्रेंड के जरिए आरोपी शिकायतकर्ता के संपर्क में आया लवली जैन ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह शारीरिक रूप से अक्षम है और जन्मजात विकृतियों से पीड़ित है। उसका कद छोटा है। वह एक एनजीओ का सदस्य भी है जो मरीजों को खून की व्यवस्था करने में मदद करता है। आरोपी को अपने रिश्तेदार के लिए एक यूनिट खून की जरूरत थी। आरोपी एक कॉमन फ्रेंड के जरिए उसके संपर्क में आया। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी ने उसे बताया कि एयरपोर्ट पर वे यात्रियों से तस्करी का सोना जब्त करते हैं, जिसे वे नीलामी में रियायती दरों पर बेचते हैं। उसने दावा किया कि उसने बलबीर कौर नामक महिला के साथ साझेदारी में जब्त एक किलो सोना 40.37 लाख रुपए में खरीदा है। वह सोना खरीदने में उसकी मदद कर सकता है। सोना खरीदने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए लिए 5 लाक नकद शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी ने प्रक्रिया शुरू करने के लिए मुझसे 5 लाख रुपए नकद लिए और कहा कि वह अपने हिस्से के 5 लाख रुपए जमा करवा देगा। आरोपी ने मुझे गारंटी के तौर पर 5 लाख रुपए का चेक दिया। उसने 22 जुलाई 2024 को एक पत्र जारी किया, जिसमें कहा गया कि उसे 41.80 लाख रुपए में एक किलो सोना मिलेगा, जो 28 अगस्त 2024 को उसे डिलीवर कर दिया जाएगा। 3 सितंबर 2024 को सोना करना था आरोपी ने डिलीवर पूछे जाने पर आरोपी ने बहाना बनाया कि सोना उसे 3 सितंबर 2024 को डिलीवर कर दिया जाएगा, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाया। बाद में उन्होंने आरोपी द्वारा जारी चेक जमा करवा दिया, लेकिन बैंक ने उसे बाउंस कर दिया। संपर्क करने पर आरोपी ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। मामले की जांच कर रहे ASI सुखजिंदर सिंह ने बताया कि बार-बार बुलाने के बावजूद आरोपी जांच में शामिल नहीं हुआ। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी है।


