लुधियाना जिले के 32 गांवों में ग्राम सभाओं ने पंजाब सरकार के भूमि अधिग्रहण के फैसले का विरोध किया है। सरकार ग्लाडा के माध्यम से 24,311 एकड़ जमीन अधिगृहीत कर शहरी एस्टेट बनाना चाहती है। भारतीय किसान यूनियन एकता डकौदा के जिला उपाध्यक्ष जगरूप सिंह हसनपुर के अनुसार, ग्राम सभाओं में भूमि पुलिंग अधिनियम के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया गया। सभी पंचायतों ने इस अधिनियम को रद्द करने के प्रस्ताव पारित किए हैं। मंत्री हरपाल चीमा के बयान की आलोचना किसान नेताओं का कहना है कि जमीन छिनने से किसान और खेत मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे। जगरूप सिंह ने वित्त मंत्री हरपाल चीमा के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि भगवंत मान सरकार प्रॉपर्टी डीलर का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की जमीनें भू-माफियाओं को कम दाम पर दी जा रही हैं। 27 मई को किसान इकट्ठा होंगे 27 मई को जिले के किसान संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में लुधियाना स्थित ग्लाडा कार्यालय के सामने एकत्रित होंगे। वे सरकार को चेतावनी पत्र सौंपेंगे और गांवों का विस्थापन रोकने की मांग करेंगे। किसान नेताओं ने सभी प्रभावित किसानों से सुबह 11 बजे ग्लाडा कार्यालय पहुंचने की अपील की है। संगठन की टीम में प्रदेश उपाध्यक्ष अमनदीप सिंह लालटो, रणवीर सिंह रुड़का और हरदीप सिंह सराभा शामिल हैं। किसान नेताओं ने कहा कि वे उपजाऊ जमीन को नष्ट नहीं होने देंगे।


