लुधियाना जिले में गणतंत्र दिवस के अवसर पर जगराओं में रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के संविदा कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जेल में बंद अपने साथी कर्मचारियों की तत्काल रिहाई और लंबे समय से कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग उठाई। कर्मचारियों का कहना था कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें न तो स्थायित्व मिला है और न ही पूर्ण कर्मचारी अधिकार। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि आंदोलन कर रहे कर्मचारियों पर झूठे मामले दर्ज कर उन्हें जेलों में बंद किया जा रहा है, जिसे वे लोकतंत्र पर सीधा हमला मानते हैं। सरकार पर लगाए गंभीर आरोप यूनियन के नेता जलौर सिंह ने कहा कि सरकार जानबूझकर सरकारी परिवहन विभाग को कमजोर कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी घरानों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से निजीकरण की नीति पर आगे बढ़ा जा रहा है। किलोमीटर स्कीम के नाम पर बार-बार टेंडर जारी किए जा रहे हैं, जिसका यूनियन लगातार विरोध करती आ रही है। जल्द समाधान की अपील प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार से अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और जल्द समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।


