पंजाब के लुधियाना में नवजात बच्ची की कथित खरीद-फरोख्त के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि एक BAMS डॉक्टर मनमीत कौर की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है और उस पर पहले भी ऐसे दो मामलों में शामिल होने का शक जताया गया है। पुलिस अब जालंधर में जिस जगह महिल ने बच्चे को बेचा है वहां का लिंक खंगालेगी। रिमांड में महिला डॉक्टर ने माना है कि उसने जालंधर और लोकल दो जगह पर दो बच्चे बेचे है।
पुलिस मोगा की रहने वाली मंदीप कौर की भी जांच कर रही है, जिसे बच्ची लेने वाली बताया जा रहा है। 5 लोगों की हो चुकी गिरफ्तारी अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें बच्ची की मां सुनीता देवी, उसकी दोस्त और डॉक्टर शामिल हैं। वहीं तीन अन्य आरोपी-एक आशा वर्कर, एक नर्स और उसका सहयोगी — अभी फरार बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि बच्ची को बेचने के लिए लगभग 2.10 लाख में सौदा तय किया गया था। मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें बच्ची की मां, उसकी सहेली और डॉक्टर समेत अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बच्ची की मां ने आर्थिक और पारिवारिक कारणों से नवजात को रखने से इनकार किया था। जांच में यह भी सामने आया है कि एक निजी अस्पताल की नर्स और उसके सहयोगियों की भूमिका भी संदिग्ध है, जिनकी तलाश की जा रही है।


