लुधियाना के खन्ना स्थित करतार नगर में मानवता और कानून को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक पादरी पर युवती को फुसलाकर 21 दिनों तक बंधक बनाने और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगा है। इस पूरे प्रकरण में स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध और लापरवाह रही, जिसके चलते अंततः परिवार को न्याय के लिए निहंग सिंहों की शरण लेनी पड़ी। पीड़ित परिवार के मुताबिक, आरोपी पादरी रमन कुमार 7 जनवरी को युवती को चर्च में विशेष प्रार्थना (पूजा-पाठ) का झांसा देकर घर से ले गया था। इसके बाद उसे करतार नगर के एक कमरे में कैद कर दिया गया। युवती को बीच में लुधियाना भी ले जाया गया, लेकिन उसे किसी बाहरी व्यक्ति या परिवार से संपर्क करने की इजाजत नहीं थी। मां से दो मिनट की मुलाकात और इशारों में मिली आजादी 21 दिनों बाद जब युवती की मां उससे मिलने पहुंची, तो पादरी ने केवल दो मिनट की मुलाकात कराई। पादरी की मौजूदगी के कारण युवती बोल नहीं सकी, लेकिन उसने अपनी आंखों और इशारों से मां को अपनी आपबीती और खतरे का संकेत दे दिया। इसी संकेत ने परिवार के मन में बैठे डर को यकीन में बदल दिया। पुलिस की नाकामी: 9 जनवरी को दी थी शिकायत इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। परिजनों ने 9 जनवरी को ही थाना सिटी-2 खन्ना में लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि पुलिस ने इस संवेदनशील मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। पीड़िता के पिता ने रोते हुए कहा, “हमने कई बार पुलिस के हाथ-पांव जोड़े, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।” पुलिस पर उठे सवाल इस घटना से पुलिस के कार्रवाई पर सवाल खड़ी करती है। जब 9 जनवरी को परिजनों ने शिकायत दो तो पुलिस इतने दिन तक क्या करती रही। क्या पुलिस किसी दबाव में थी या यह केवल उनकी संवेदनहीनता थी? एक युवती 21 दिन तक बंधक रहती है, क्या पुलिस का सूचना तंत्र इतना कमजोर है? अगर निहंग सिंह हस्तक्षेप न करते, तो क्या पीड़िता कभी आजाद हो पाती? जब ‘कानून’ थका, तो ‘निहंग’ बने रक्षक पुलिस से हताश होकर परिवार ने तरुणा दल के जत्थेदार सरबजीत सिंह खालसा से मदद मांगी। निहंग सिंहों के जत्थे ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पादरी के घर पर धावा बोला और युवती को सुरक्षित बाहर निकाला। दिलचस्प बात यह है कि जब निहंग सिंहों ने युवती को रिहा करा लिया, तब जाकर पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर आरोपी पादरी को हिरासत में लिया। अधिकारियों का पक्ष खन्ना के DSP विनोद कुमार ने अब पुष्टि की है कि पादरी रमन कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि तथ्यों की जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, पुलिस इस बात का जवाब नहीं दे पाई कि 9 जनवरी से लेकर अब तक पुलिस की टीमें क्या कर रही थीं।


