लुधियाना में प्राइवेट स्कूल टीचर के साथ मारपीट:शिक्षिका बोली-बिना नोटिस दिए नौकरी से निकाला,बंदी बनाकर की पिटाई,प्रधान रखना बुरी नजर

पंजाब के लुधियाना से एक मामला सामने आया है। प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों पर शिक्षिका से मारपीट के गंभीर आरोप लगे है। स्कूल कमेटी प्रधान पर अश्लील कमेंट करने के भी गंभीर आरोप लगाए गए है।
जानकारी मुताबिक कस्बा हलवारा के पक्खोवाल में एक निजी स्कूल में महिला टीचर के साथ मारपीट और बिना नोटिस दिए नौकरी के निकाल दिया गया। महिला शिक्षिका सिमरनजीत कौर ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इंसाफ की मांग की है। महिला टीचर का आरोप है कि स्कूल प्रबंधक कमेटी के प्रधान भूपिंदर सिंह धालीवाल, प्रिंसिपल मंजीत कौर, पूर्व प्रिंसिपल इंदरपाल कौर, स्कूल की महिला कर्मी रूपा रानी और टीचर हरप्रीत कौर ने उसे स्कूल में ही बंदी बनाकर उसके साथ मारपीट की। उसने कहा कि कमेटी प्रधान भूपिंदर सिंह धालीवाल ने कई बार अश्लील कमेंट किए। जब उसने विरोध किया तो कई महीने परेशान करने के बाद बिना नोटिस नौकरी से ही निकाल दिया। 24 दिसंबर की है घटना
सिमरनजीत ने कहा कि 24 दिसंबर को जब वो कमेटी और बच्चों के परिजनों से बात करने गई तो उसे स्कूल में बंदी बनाकर पीटा गया। मारपीट की मेडिकल रिपोर्ट सिविल अस्पताल रायकोट से करवाकर थाना सुधार में भी उसी दिन भेज दी गई थी जिसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता ने कहा कि थाना सुधार के प्रभारी जसविंदर सिंह को मामले की शिकायत के तीन दिन बाद भी कोई सुनवाई नहीं की। स्कूल प्रबंधन ने उसके खिलाफ स्कूल में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में खलल डालने की झूठी शिकायत पुलिस को देकर अपनी शिकायत वापिस लेने का दबाव बनाया है। इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। आज रायकोट में सिमरनजीत की मां दलजीत कौर और पिता दर्शन सिंह ने मीडिया को बताया कि उनकी बेटी ने 27 मार्च को उसने पक्खोवाल के जीएचजी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ज्वाइन किया था। एक महीने बाद उसे 3500 रुपये वेतन तो दिया गया लेकिन ज्वाइनिंग लेटर नहीं दिया गया। लेटर मांगने के बावजूद इनकार किया जाता रहा। प्रधान भूपिंदर सिंह धालीवाल ने कई बार उनकी बेटी के पास आने की कोशिश की। उसे अश्लील कमेंट भी किए। उसने विरोध किया तो सबक सिखाने की धमकी दी गई। 22 सितंबर को बिना नोटिस दिए नौकरी से निकाला
इसके बाद 22 सितंबर को बिना किसी नोटिस के उसे नौकरी से निकाल दिया गया। वजह पूछने पर कहा गया कि उसके हाथ में टैटू बना है, जिसका बच्चों के परिजन विरोध कर रहे हैं। सिमरनजीत कौर उसने खुद स्कूली बच्चों के परिजनों से बात की तो उन्होंने टैटू से कोई भी दिक्कत होने से मना करते हुए स्कूल प्रबंधन पर मामले में झूठ बोलने की बात कबूली। सिमरनजीत कौर ने बताया कि 24 दिसंबर को स्कूल में धार्मिक कार्यक्रम था, जिसमें बच्चों के परिजनों को भी आमंत्रित किया गया था। वह महिला टीचर आयशा रानी को साथ लेकर स्कूल प्रबंधन और परिजनों से टैटू का सत्य जानने गई थी। अपनी फजीहत के डर से प्रबंधक कमेटी के प्रधान भूपिंदर सिंह धालीवाल ने प्रिंसिपल मंजीत कौर, पूर्व प्रिंसिपल इंदरपाल कौर, टीचर हरप्रीत कौर और रूपा रानी की मदद से उसे घसीट कर कमरे में बंद कर दिया। सब ने मिलकर उसे लात घूसे और थप्पड़ मारे। उसकी चुन्नरी से घसीटने के कारण गर्दन पर गहरे चोट के निशान पड़ गए है। प्रधान बोले- सिमरनजीत मेरी बेटी जैसी
स्कूल प्रबंधक कमेटी के प्रधान भूपिंदर सिंह धालीवाल ने मीडिया से कहा कि 24 दिसंबर को सिमरनजीत कौर स्कूल आई थी, जिसने धार्मिक कार्यक्रम में खलल डालने की कोशिश की। सिमरनजीत कौर को बात करने के लिए कमरे में ले जाया गया था। भूपिंदर सिंह धालीवाल ने कहा कि वह 65 वर्ष के हैं और उनकी पत्नी का निधन हो चुका है। वो सिमरनजीत कौर को बेटी की तरह मानते हैं। उन्होंने किसी तरब का कभी कोई अश्लील कमेंट नहीं किया। थाना सुधार के SHO जसविंदर सिंह बोले…
थाना सुधार के SHO जसविंदर सिंह ने कहा कि सिमरनजीत कौर की शिकायत के बाद स्कूल प्रबंधक कमेटी ने भी उसके खिलाफ शिकायत की थी। पीड़ित सिमरनजीत कौर को इंसाफ दिलाया जाएगा। वो जल्द शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करेंगे।

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