लुधियाना जिले के जगराओं में संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर शुक्रवार को अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड एग्रीमेंट के खिलाफ गांवों में जोरदार प्रदर्शन किया गया। बसुवाल और कांऊके कलां गांवों में हुए इस प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले जलाकर अपना विरोध जताया। बता दे कि यह प्रदर्शन भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान किसानों ने पंजाब सरकार पर पुलिस अत्याचार का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
शाही गुलामी की ओर धकेल रहा एग्रीमेंट वहीं किसान नेताओं तरसेम सिंह बसुवाल और कीर्ति किसान यूनियन पंजाब के नेता करमजीत सिंह कांऊके ने आरोप लगाया कि यह ट्रेड एग्रीमेंट देश को एक बार फिर “शाही गुलामी” की ओर धकेल रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस समझौते के तहत लगभग 45 लाख करोड़ रुपये के अमेरिकी कृषि उत्पाद, जिनमें खेती का सामान, फल और दूध से जुड़े उत्पाद शामिल हैं, भारतीय बाजार पर कब्जा कर लेंगे।
किसानों ने लगाए सरकार पर आरोप इससे देश के किसानों को भारी नुकसान होगा।किसान नेताओं ने मोदी सरकार पर किसानों के साथ “बड़ा धोखा” करने का आरोप लगाया। उन्होंने मनरेगा को खत्म करने, लेबर कोड लागू करने और चिप वाले स्मार्ट मीटर लगाने जैसे फैसलों को आम मेहनतकश वर्ग के लिए घातक बताया। शनिवार को मजदूर रैली का आयोजन प्रदर्शन में मौजूद किसानों और मजदूरों ने उगराहां जत्थेबंदी के मजदूरों पर पंजाब पुलिस द्वारा किए गए कथित अत्याचार के खिलाफ भी विरोध दर्ज करवाया।किसान नेता कुंडा सिंह ने बताया कि संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर शनिवार को बस स्टैंड जगराओं में एक मजदूर रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे।


