पंजाब के लुधियाना में जिला मजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत सख्त आदेश जारी किए हैं। “पंजाब सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी” का पालन न करने वाली स्कूल बसों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। साथ ही शहर में बिजली, केबल और टेलीफोन की लटकती तारों को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सेफ्टी नियम तोड़ने वाली बसें नहीं चलेंगी
डीसी जैन ने कहा कि कई स्कूल बस ऑपरेटर सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। आदेश के अनुसार कमियां दूर किए बिना कोई भी स्कूल बस सड़क पर नहीं चल सकेगी। यह आदेश 10 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा। इसकी पालना करवाने की जिम्मेदारी रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA), लुधियाना को सौंपी गई है।
स्कूल बसों के लिए अनिवार्य शर्तें
सरकार की पॉलिसी के तहत स्कूल बसों में ये सुविधाएं जरूरी हैं:
-बस के आगे-पीछे “स्कूल बस” या किराए की बस होने पर “स्कूल ड्यूटी पर” लिखा होना
-फायर एक्सटिंग्विशर और फर्स्ट-एड बॉक्स
-सीसीटीवी कैमरे और लॉक होने वाले सुरक्षित दरवाजे
-खिड़कियों पर ग्रिल
-सीटों के नीचे स्कूल बैग रखने की जगह
-स्पीड गवर्नर
-वैध फिटनेस, इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र
-ड्राइवर के पास कम से कम 5 साल का भारी वाहन चलाने का अनुभव और वैध HMV लाइसेंस
-शहर में लटकती तारों पर भी कार्रवाई लटकती तारें हादसों का खतरा पैदा करती डीसी ने बिजली बोर्ड, टेलीफोन एजेंसियों, केबल ऑपरेटरों और अन्य यूटिलिटी एजेंसियों को अपने-अपने क्षेत्र में लटकती या खतरनाक तारों की तुरंत जांच कर उन्हें ठीक करने, सुरक्षित ऊंचाई पर लगाने या हटाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के अनुसार ये तारें जहां हादसों का खतरा पैदा करती हैं, वहीं शहर की सुंदरता को भी प्रभावित करती हैं। यदि कोई व्यक्ति या संस्था बिना अनुमति तारें लटकाते या असुरक्षित तरीके से लगाते पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL), लुधियाना को दी गई है।


