लुधियाना के गिल रोड स्थित DIC ऑफिस में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने दबिश देकर तीन कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई एक कारोबारी की शिकायत पर की गई जिसे एक जरूरी दस्तावेज (कागज) जारी करने के बदले लंबे समय से परेशान किया जा रहा था। क्या है पूरा मामला? शिकायतकर्ता संजीव कारोबारी ने बताया कि उन्हें अपने काम के सिलसिले में एक सरकारी दस्तावेज की जरूरत थी। इसके लिए वे पिछले काफी समय से dic ऑफिस के चक्कर काट रहे थे लेकिन वहां तैनात अधिकारी और कर्मचारी काम करने के बजाय उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। संजीव के मुताबिक आरोपियों ने काम के बदले करीब ₹50,000 की रिश्वत मांगी थी। संजीव ने बताया कि बिना पैसे दिए उनका जायज काम भी अटकाया जा रहा था। भ्रष्टाचार से तंग आकर संजीव ने इसकी शिकायत विजिलेंस ब्यूरो को दी। जिसके तहत आज संजीव रिश्वत की किस्त लेकर पहुंचे थे। ट्रैप लगाकर दबोचे गए आरोपी जैसे ही संजीव ने ऑफिस के भीतर आरोपियों को पैसे पकड़ाए पहले से तैयार बैठी विजिलेंस की टीम ने धावा बोल दिया। टीम ने मौके पर ही तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। विजिलेंस अधिकारियों ने आरोपियों के पास से रिश्वत की राशि भी बरामद की है। मुझसे लंबे समय से पैसों की मांग की जा रही थी। मैं परेशान हो चुका था इसलिए मैंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया और विजिलेंस को सूचित किया। अधिकारी फिलहाल मौन इस छापेमारी के बाद dic ऑफिस में हड़कंप का माहौल है। हालांकि विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने अभी तक पकड़े गए कर्मचारियों के नाम और उनके पद की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ब्यूरो का कहना है कि अभी कागजी कार्रवाई और पूछताछ जारी है जिसके बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।


