मध्य प्रदेश में सोने की अब तक की सबसे बड़ी जब्ती परिवहन विभाग की काली कमाई से करोड़ों की संपत्ति जुटाने वाले सौरभ शर्मा के ठिकानों पर कार्रवाई में लोकायुक्त पुलिस की ‘अनदेखी’ का खुलासा हुआ है। गुरुवार 19 दिसंबर को सुबह 6 बजे जब लोकायुक्त पुलिस की टीम ने सौरभ शर्मा के अरेरा कॉलोनी ई-7 स्थित मकान नंबर 78 और एक अन्य मकान ई-7/657 पर एक साथ कार्रवाई की। उसी दौरान 54 किलो सोना और 10 करोड़ रुपए नकदी भरी कार कॉलोनी से निकली थी। लोकायुक्त का दावा है कि 78 नंबर मकान सौरभ शर्मा का आवास है और 657 नंबर मकान मे कार्यालय चलाया जा रहा था। लेकिन बताया जा रहा है कि ये कार ई-7 से ही निकली थी। छापों के बाद यह कार क्रमांक एमपी-04 बीए 0050 गुरुवार देर रात मेंडोरी में एक फार्म हाउस के अंदर मिली थी। यह सौरभ शर्मा के सहयोगी चेतन सिंह गौर की थी। जानकारी के मुताबिक, कार को प्यारे नाम का युवक चला रहा था। उसकी मोबाइल लोकेशन से पता चला है कि छापों के दौरान ये कार अरेरा कॉलोनी के ई-7 में थी। प्यारे फिलहाल पुलिस की पहुंच से दूर है। सीसीटीवी फुटेज- कार चूनाभट्टी से होते हुए मेंडोरी पहुंची जो हाथ लगा.. लोकायुक्त के अनुसार, सौरभ के ई-7/78 अरेरा कॉलोनी स्थित आवास से 1.15 करोड़ मूल्य की भारतीय और विदेशी मुद्रा मिली। यहां से 50 लाख रुपए कीमत के सोना एवं हीरा, वाहन समेत कुल तीन करोड़ 86 लाख रुपए की संपत्ति मिली। कार्यालय के रूप में उपयोग लाए जा रहे ई-7/657 से 2.10 करोड़ कीमत की 234 किलो चांदी, 1.72 करोड़ नकद, 30 लाख रुपए की अन्य कीमती सामान मिला था। जो हाथ नहीं लगा… सीसीटीवी फुटेज में एमपी-07 कार ई-ं7 अरेरा कॉलोनी से होते हुए त्रिलंगा, गुलमोहर और चूना भट्टी चौराहे से होते हुए मेंडोरी गांव पहुंची। सूत्रों के मुताबिक, लोकायुक्त टीम जब 78 और 657 नंबर के मकानों पर कार्रवाई कर रही थी, तभी कार में सोना और नकदी लादा गया और ड्राइवर प्यारे इसे वहां से लेकर फरार हो गया। लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई जिला पुलिस की तरह से नहीं होती। हर बात नहीं बता सकते। ये मामला इनकम टैक्स विभाग का है। जांच जारी है।’ -जयदीप प्रसाद, डीजी, लोकायुक्त सौरभ देश तो नहीं लौटा, लेकिन उसकी अर्जियां कोर्ट पहुंचने लगीं परिवहन विभाग का पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा अब भी आयकर विभाग की रडार से बाहर है। सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों तक मोबाइल फोन आयकर विभाग की पहुंच में था। इधर, सौरभ के देश लौटने की अफवाहों के बीच गुरुवार को विशेष न्यायाधीश राम प्रताप मिश्र की कोर्ट में उसने अग्रिम जमानत याचिका दायर की। उसके वकीलों ने लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई को ही गलत बताया। कहा- सौरभ जून 2023 में ही परिवहन विभाग से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुका है। लिहाजा उसके खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार लोकायुक्त को नहीं है। विशेष लोक अभियोजक विवेक गौड़ ने कहा कि सौरभ के ठिकानों से भारी मात्रा में नकदी और संपत्ति मिली है। सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह की कार से सोना और नकदी मिली है। अपराध की गंभीरता और पूछताछ की जरूरत को देखते हुए अग्रिम जमानत याचिका खारिज की जाए।


