भीलवाड़ा में इस साल की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन रविवार को शुरू हो चुका है। जिला एवं सेशन कोर्ट में जिला जज अजय शर्मा की मौजूदगी में अदालत की शुरुआत की गई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विशाल भार्गव ने बताया- नालसा और रालसा के निर्देश में लोक अदालत का आयोजन भीलवाड़ा न्यायालय परिसर में किया जा रहा है। इसमें करीब 20 हजार प्रकरण राजीनामे के लिए रख हैं। इनमें एससीएसटी, फैमिली कोर्ट, सिविल, क्रिमिनल कंपाउंडेबल, एमवी एक्ट और अन्य प्रकृति के प्रकरण हैं। बैंकों के प्रतिनिधि बीमा कंपनी को प्रतिनिधि यहां मौजूद है। अधिक से अधिक संख्या में लोग यहां आ रहे हैं। अधिकांश मामलों में राजनामे की संभावना है। पिछली लोक अदालत में निपटारे के मामले में भीलवाड़ा जिला पांचवें नंबर पर रहा था। इस बार भी ऐसी ही उम्मीद है। भीलवाड़ा जिले में 20 और शहर में 6 बेंच का गठन किया गया है। एक बेंच एमएससीटी पारिवारिक न्यायालय की है। एक बेंच एनआईए प्रकरणों की रखी गई है। बाकी डीजे कोर्ट सीजे स्तर की बेंच रखी गई है। लोक अदालत में राजीनामे के बाद अपील का प्रावधान नहीं है। लोगों को कोर्ट फीस भी वापस मिल जाती है। ऐसी स्थिति में बैंक की ओर से भी इंटरेस्ट की राशि सामान्य तौर पर लोक अदालत में माफ कर दी जाती है। ऐसी स्थिति में अधिकांश प्रकरण में राजीनामा संभव हो जाता है। राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला जज अजय शर्मा ने जिले के सभी न्यायिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालय के सिविल व फौजदारी प्रकरणों के अलावा राजस्व मामलों को भी राजीनामे के माध्यम से प्रकरणों को निस्तारण किया जाएगा। लोक अदालत में राजीनामे के लिए दोनों पक्ष पहुंचने लगे हैं और इनमें वार्ताओं के दौर भी चल रहे हैं।


