भिंड में वर्षों से लंबित मामलों को सुलझाने और पक्षकारों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन हुआ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार अयाची के निर्देश पर आयोजित इस अदालत में 547 लंबित प्रकरणों का निराकरण हुआ, इसमें 1554 पक्षकार लाभान्वित हुए। आयोजन में न्यायालयीन और प्रीलिटिगेशन मामलों का सफल समाधान करते हुए लगभग 2.17 करोड़ रुपए की राशि का सेटलमेंट किया गया। लोक अदालत के दौरान कई परिवारों के टूटते रिश्ते सहेजे गए। इनमें एक ऐसा मामला भी सामने आया, जिसमें पति-पत्नी के बीच आपसी सहमति से दांपत्य जीवन का पुनः शुभारंभ हुआ। पति-पत्नी के मामले में हुआ समझौता
लोक अदालत की खंडपीठ क्रमांक-1 में प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, मोहम्मद सैय्यदुल अबरार ने एक लंबित दांपत्य मामले में समझौता कराया। विनीता जैन और विनोद जैन के बीच पिछले कई वर्षों से विवाद चल रहा था। विनीता ने वैवाहिक संबंधों की पुनर्स्थापना हेतु हिंदू विवाह अधिनियम की धारा-9 के तहत मामला दर्ज किया था। शनिवार को लोक अदालत में दोनों पक्ष उपस्थित हुए। न्यायालय ने उन्हें साथ रहने और अपने दांपत्य जीवन को फिर से शुरू करने की सलाह दी। समझाइश के बाद दोनों पक्ष सहमत हो गए और साथ रहने का निर्णय लिया। फूल-मालाओं और पौधों से सजी नई शुरुआत
समझौते के बाद दंपती ने एक-दूसरे को फूल-माला पहनाई। कोर्ट ने उन्हें फलदार पौधे भेंट कर नए जीवन की शुभकामनाएं दी। लोद अदालत में दंपती ने अपना रिश्ता फिर से जीवंत किया। इस वर्ष की अंतिम नेशनल लोक अदालत ने जिले में न्यायिक व्यवस्था को मजबूती प्रदान की। कुल 24 खंडपीठों द्वारा न केवल लंबित प्रकरणों का समाधान किया गया बल्कि कई परिवारों में कटुता समाप्त कर सौहार्द का संदेश दिया। देखिए तस्वीरें…


