हनुमानगढ़ में लोक परिवहन और निजी स्लीपर बस संचालकों की हड़ताल का असर स्पष्ट दिखाई दिया। सुबह से ही यात्री बसों के इंतजार में जुटे थे, लेकिन शाम को ऑफिसों की छुट्टी के बाद स्थिति और बिगड़ गई। कई रूटों पर बसें न चलने के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। टिकट खिड़कियों और प्लेटफॉर्म पर लंबी कतारें देखी गईं। हड़ताल के कारण लोकल रूटों पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को निजी वाहनों या टैक्सियों का सहारा लेना पड़ा, जिसके लिए उन्हें सामान्य से अधिक किराया चुकाना पड़ा। बस स्टैंड परिसर में भारी भीड़ के कारण अव्यवस्था का माहौल रहा। पर्याप्त बसें उपलब्ध नहीं होने से यात्रियों में रोष देखा गया। कई परिवारों की यात्रा योजनाएं भी बाधित हुईं। रात के समय स्थिति और गंभीर होने की आशंका है, क्योंकि स्लीपर बसें भी हड़ताल में शामिल हैं। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों, विशेषकर दिल्ली, जयपुर और चंडीगढ़ जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्हें वैकल्पिक व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं। उल्लेखनीय है कि हनुमानगढ़ से लगभग 125 लोक परिवहन बसें और रात में करीब 60 लंबी दूरी की बसें संचालित होती हैं। इन बसों की हड़ताल से मुख्य रूप से जयपुर और दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को कठिनाई हो रही है।


