एमवायएच की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा करता एक वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। करीब 1 मिनट 21 सेकंड के इस वीडियो में दो महिलाएं एक मरीज को स्ट्रेचर पर लेटाकर भारी ट्रैफिक के बीच मुख्य सड़क से ले जाती नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल का मुख्य गेट बंद होने के कारण परिजन को यह जोखिम उठाना पड़ा। दरअसल, एमवायएच के चार में से तीन गेट लंबे समय से बंद हैं, जिसका सीधा असर मरीजों और उनके परिजन पर पड़ रहा है। वायरल वीडियो में महिलाएं शासकीय डेंटल कॉलेज के सामने से स्ट्रेचर धकेलते हुए दूसरे गेट की ओर जाती दिख रही हैं। इसी दौरान तेज रफ्तार बसें और वाहन पास से गुजरते रहे, जिससे हादसे की आशंका बनी रही। गेट बंद होने से दूरी ज्यादा और जेब पर बोझ भी अस्पताल के तीन गेट बंद होने से एम्बुलेंस और गंभीर मरीजों को प्रवेश के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। इमरजेंसी में यह देरी जानलेवा साबित हो सकती है। वहीं, गेट बंद होने का फायदा उठाकर ऑटो और निजी एम्बुलेंस चालक मरीजों को अंदर छोड़ने के लिए अतिरिक्त किराए की मांग करते हैं। पैदल आने वाले गरीब मरीजों और बुजुर्गों को भी परेशानी हो रही है। स्ट्रेचर हमारा नहीं : वीडियो हमारी जानकारी में आया है। हमने पता करवाया है, यह मरीज एमवायएच में भर्ती नहीं हुआ था और न ही वह स्ट्रेचर हमारा है। संभवतः परिजन कोई जांच करवाकर डेंटल हॉस्पिटल से लौट रहे थे। एमवायएच में एम्बुलेंस की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है। – डॉ. अशोक यादव, अधीक्षक


