श्योपुर में वकीलों ने शिवपुरी जिले के करैरा में वरिष्ठ अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना की गोली मारकर हत्या के विरोध में सोमवार को न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। जिला अभिभाषक संघ ने कामकाज पूरी तरह बंद रखा और डिप्टी कलेक्टर संजय जैन को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता और सचिव शरद जैन के नेतृत्व में भेजा गया। इसमें एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग प्रमुख थी। ज्ञापन में अधिवक्ता सक्सेना की हत्या की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई, मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई है। यह विरोध प्रदर्शन मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के आह्वान पर किया गया था। परिषद ने 16 फरवरी को प्रदेशभर में न्यायिक कार्य से विरत रहकर ‘प्रतिवाद दिवस’ मनाने का निर्देश दिया था। परिषद ने करैरा के अधिवक्ता की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि प्रदेश में अधिवक्ताओं पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे पूरे अधिवक्ता समुदाय में आक्रोश है। अधिवक्ताओं के इस कार्य बहिष्कार का असर आम लोगों पर भी पड़ा। अदालतों में जमानत और बयान के लिए आए पक्षकारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। राडेप निवासी मंगल सिंह ने बताया कि सोमवार को उनकी सुनवाई की तारीख थी, लेकिन अधिवक्ताओं के कामकाज बंद होने के कारण उन्हें बिना सुनवाई के लौटना पड़ा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू नहीं करती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। यह प्रतिवाद कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।


