शिवपुरी में अधिवक्ता संजय सक्सेना की हत्या के विरोध में पूरे प्रदेश में आक्रोश है। इसी क्रम में सोमवार को कटनी जिला न्यायालय में भी वकीलों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। जिला अधिवक्ता संघ कटनी के आह्वान पर हुई इस हड़ताल से न्यायिक प्रक्रियाएं बाधित हुईं, जिससे दूर-दराज से आए फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिवक्ताओं ने बताया कि हाल ही में 14 फरवरी को शिवपुरी में अधिवक्ता संजय सक्सेना अपने पेशेवर गणवेश में न्यायालयीन कार्य के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उन पर हमला कर गोली मार दी गई, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने प्रदेश के अधिवक्ता समाज को झकझोर दिया है। जिला अधिवक्ता संघ कटनी के अध्यक्ष अमित शुक्ला ने इस घटना को व्यक्तिगत हमला नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था के स्तंभ पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना अधिवक्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है। न्यायालयीन कार्य से विरत रहने के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें चुनाव के समय सुरक्षा का आश्वासन देती हैं, लेकिन इस संवेदनशील विषय पर कोई ठोस कानून नहीं बनाया गया है। अधिवक्ताओं ने शिवपुरी हत्याकांड के आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर उन पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने की मांग की। साथ ही, मृतक अधिवक्ता के परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की गई। अमित शुक्ला ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू नहीं किया, तो अधिवक्ता समाज उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। वकीलों की सामूहिक हड़ताल का सीधा असर आम जनता पर पड़ा। कटनी जिला न्यायालय में पेशी और अन्य कानूनी कार्यों के लिए आए सैकड़ों फरियादी परेशान हुए। कई मामलों में सुनवाई टल गई, जिससे उन्हें अगली तारीखों का इंतजार करना पड़ेगा।


