पूर्व सांसद और भाजपा नेता सुमेधानंद सरस्वती ने वक्फ कानून को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि कुरान के मुताबिक वक्फ की संपत्ति खाने वाला हरामी होता है।।
पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती सोमवार को श्रीगंगानगर दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने वक्फ कानून संशोधन विधेयक पर बोलते यह बयान दिया। सुमेधानंद सरस्वती ने कहा- मैने भी कुरान पढ़ी है और कुरान के मुताबिक वक्फ की संपत्ति खाने वाला हरामी होता है। कुरान शरीफ में खुदा की सम्पति को खाना हराम माना गया है। और कुरान के मुताबिक इनका कत्लेआम किया जाना चाहिए। विवादित बयान से राजनीति गरमाई
इधर वक्फ कानून को लेकर भाजपा नेता की ओर से ऐसा विवादित बयान आने से राजनीति गरमा गई है। मामले को लेकर सूरतगढ़ से कांग्रेस विधायक डूंगरराम गेदर ने सुमेधानंद सरस्वती के इस विवादित बयान को लेकर कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा ऐसा बयान देना निंदनीय है। उन्होंने सुमेधानंद सरस्वती के इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि ये सविधान को और कानून को मानने वाले लोग नहीं है, इसलिए ये सरेआम कत्लेआम की बात करते है। 2 बार सीकर सांसद रहे है सुमेधानंद सरस्वती
सुमेधानंद सरस्वती सीकर के लगातार 2 बार सांसद रहे है। पहली बार 2014 में और फिर 2019 में उन्होंने सीकर लोकसभा सीट पर जीत हासिल की थी। संसद से 4 अप्रैल को पारित हुए वक्फ संशोधन बिल को 5 अप्रैल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी। सरकार ने 8 अप्रैल से अधिनियम के लागू होने की अधिसूचना जारी की। तब से इसका लगातार विरोध हो रहा है। वक्फ कानून में 14 बदलाव हुए वक्फ होता क्या है ‘वक्फ’ अरबी भाषा के शब्द ‘वकुफा’ से बना है, जिसका अर्थ होता है- ठहरना, रोकना या निषिद्ध करना। 27 देशों के वक्फ की संपत्तियों पर काम करने वाली संस्था ‘औकाफ प्रॉपर्टीज इन्वेस्टमेंट फंड’ (AIPF) के मुताबिक, कानूनी शब्दों में इस्लाम में कोई व्यक्ति जब धार्मिक वजहों से या ईश्वर के नाम पर अपनी प्रॉपर्टी दान करता है तो इसे प्रॉपर्टी वक्फ कर देना कहते हैं। फिर वो चाहे कुछ रुपए की रकम हो या बेशकीमती हीरे-जवाहरात से भरी हुई एक पूरी इमारत। अमूमन ऐसी प्रॉपर्टीज को ‘अल्लाह की संपत्ति’ कहा जाता है। अपनी प्रॉपर्टी वक्फ को देने वाला इंसान ‘वकिफा’ कहलाता है। वकिफा ये शर्त रख सकता है कि उसकी संपत्ति से होने वाली आमदनी सिर्फ पढ़ाई पर या अस्पतालों पर ही खर्च हो। इन संपत्तियों को बेचा या धर्म के अलावा किसी और मकसद के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। पैगंबर मोहम्मद के समय खजूर के 600 पेड़ों का एक बाग वक्फ का सबसे पहला उदाहरण माना जाता है। इससे होने वाली कमाई से मदीना के गरीबों की मदद की जाती थी। वक्फ बोर्ड कैसे काम करता रहा है मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… वक्फ कानून में 14 बड़े बदलाव, महिलाओं और गैर-मुस्लिमों की वक्फ बोर्ड में एंट्री होगी
भारत में रेलवे और रक्षा मंत्रालय के बाद सबसे ज्यादा जमीन वक्फ बोर्ड के पास है। करीब 9.4 लाख एकड़। इतनी जमीन में दिल्ली जैसे 3 शहर बस जाएं। इसी वक्फ बोर्ड से जुड़े एक्ट में बदलाव के लिए केंद्र सरकार आज संसद में बिल पेश करेगी। विपक्ष के नेता और मुसलमानों का एक बड़ा तबका इसके विरोध में हैं। पूरी खबर पढ़ें…


