भास्कर न्यूज| महासमुंद जिले को कुपोषण मुक्त बनाने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गुरूवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण संयुक्त समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने दोनों विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और उच्च जोखिम वाली गर्भवती माताओं की विशेष मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि वजन त्यौहार के आंकड़ों की पोषण ट्रैकर में शत-प्रतिशत सही एंट्री होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर पर हर माह स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक अनिवार्य रूप से होगी। पोषण पुनर्वास केंद्रों के सभी बेड भरे होने चाहिए। मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रोटेशन के आधार पर गंभीर कुपोषित बच्चों को केंद्र तक लाएं। सुपरवाइजरों को नियमित आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा कर रिपोर्ट सौंपनी होगी। जर्जर भवनों की सूची तैयार करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पूर्ण टीकाकरण के बाद बच्चों को क्यूआर कोड वाला सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जिसमें टीकाकरण की पूरी जानकारी होगी। वर्तमान में 98.83% पंजीकरण को शत-प्रतिशत करने और प्रथम तिमाही में ही पंजीयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, सिकल सेल और टीबी जैसी बीमारियों की नियमित स्क्रीनिंग और फॉलोअप के निर्देश दिए गए। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, जिला कार्यक्रम अधिकारी टिक्वेन्द्र जटवार, सीएमएचओ डॉ. आई नागेश्वर राव सहित मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक और अन्य ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। हर बच्चे को स्वस्थ और माता को सुरक्षित करना लक्ष्य कलेक्टर विनय लंगेह ने कुष्ठ उन्मूलन को एक अभियान के रूप में लेने और आयुष्मान कार्ड निर्माण में प्रगति लाने को कहा। साथ ही नोनी सुरक्षा योजना और प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का लाभ अंतिम पात्र हितग्राही तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य जिले के हर बच्चे को स्वस्थ और हर माता को सुरक्षित करना है। इसके लिए जमीनी स्तर पर अधिकारियों को प्रो-एक्टिव होकर कार्य करना होगा।


